बिहार पेंशन रूल: वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन समेत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है. यदि किसी लाभुक की पेंशन पिछले दो-तीन महीने से बंद है तो उसे परेशान होने या किसी बिचौलिए के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं है. प्रशासन के अनुसार जीवन प्रमाणीकरण नहीं होने या आधार का बैंक खाते और एनपीसीआई मैपर से सही तरीके से लिंक नहीं होने के कारण पेंशन भुगतान रुक सकता है.
1. पहले कराएं जीवन प्रमाणीकरण
पेंशन बंद होने की स्थिति में लाभुक अपने नजदीकी सीएससी, आधार केंद्र या साइबर केंद्र पर जाकर जीवन प्रमाणीकरण करा सकते हैं. इसके लिए आधार आधारित अंगूठे से प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध है. यदि अंगूठे का निशान काम नहीं करता है तो आंख की रेटिना के माध्यम से भी प्रमाणीकरण कराया जा सकता है.
समय पर जीवन प्रमाणीकरण कराने से पात्र लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि निर्बाध रूप से मिलने में मदद मिलती है. यदि प्रमाणीकरण के बाद भी समस्या दूर नहीं होती है तो लाभुक अपने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर बीडीओ को इसकी जानकारी दे सकते हैं.
2. आधार लिंक के साथ NPCI मैपिंग भी जरूरी
कई बार आधार बैंक खाते से जुड़ा होने के बावजूद पेंशन की राशि खाते में नहीं पहुंचती है. प्रशासन के अनुसार इसका एक कारण बैंक स्तर पर एनपीसीआई मैपर में आधार का अपडेट नहीं होना भी हो सकता है.
ऐसी स्थिति में लाभुक उस बैंक शाखा में जाएं, जहां उनका पेंशन खाता है. वहां आधार को बैंक खाते से लिंक कराने के साथ एनपीसीआई मैपिंग की स्थिति भी जरूर जांचें. बैंक खाते में आधार लिंक और एनपीसीआई मैपिंग सही रहने से पेंशन भुगतान से जुड़ी परेशानी दूर होने में मदद मिल सकती है.
बिचौलियों से रहें सावधान
जिला प्रशासन ने लाभुकों से अपील की है कि पेंशन रुकने पर किसी बिचौलिए के झांसे में न आएं. पहले जीवन प्रमाणीकरण और बैंक खाते से जुड़ी जरूरी जानकारी की जांच कराएं. जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रखंड कार्यालय में अधिकारियों से संपर्क करें.
अपने अधिकार के प्रति जागरूक रहें
जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक नीतेश कुमार पाठक ने कहा कि बुजुर्ग और जरूरतमंद लाभुक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें. अपने दस्तावेज दुरुस्त रखें और सरकारी सुविधाओं का लाभ सम्मान के साथ उठाएं.
प्रशासन का कहना है कि थोड़ी सी सजगता से पेंशन भुगतान से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान किया जा सकता है. इसलिए पेंशन बंद होने पर घबराने के बजाय सबसे पहले जीवन प्रमाणीकरण, आधार लिंक और एनपीसीआई मैपिंग की स्थिति जांचना जरूरी है.
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