Madhubani News : गम्हरिया के सरस्वती मंदिर में अंकुरित मां के पूजनोत्सव की तैयारी पूरी

गम्हरिया गांव में विराजमान अंकुरित सरस्वती माता की पूजा धूमधाम से किये जाने की सभी तैयारी पूरी हो चुकी है.

Madhubani News : बेनीपट्टी. गम्हरिया गांव में विराजमान अंकुरित सरस्वती माता की पूजा धूमधाम से किये जाने की सभी तैयारी पूरी हो चुकी है. मंदिर के रंग रोगण भी पूरा हो चुका है. पर्यटन विभाग की नजर से ओझल बिहार के इस एकमात्र अंकुरित सरस्वती मंदिर में दर्शन के लिये दूर-दराज से भी लोगों की भीड़ जुटती रही है. ग्रामीण बताते हैं कि गांव में अक्सर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है और सरस्वती पूजा के दौरान तो आस-पास का पूरा माहौल ही भक्तिरस में सराबोर हो जाता है. जिससे गांव में उत्सव का माहौल बना रहता है. वहीं मंदिर के पुजारी शारदानंद मिश्र खुशी व्यक्त करते हुए बताते हैं कि पूजनोत्सव से गांव में उत्सव का माहौल बना हुआ है. मंदिर में स्थापित काले रंग के दिव्य शिलाखंड पर ढाई फीट की अंकुरित मां सरस्वती की मूर्ति है. वर्ष 1948 में गम्हरिया गांव के डीह के पास से मिट्टी खोदने के दौरान अंकुरित सरस्वती माता की मूर्ति मिली थी. ग्रामीणों के सहयोग से मां सरस्वती के प्रतिमा का प्राण-प्रतिष्ठा खुदाई स्थल के पास ही कराया गया. इसके बाद इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया. श्रद्धालुओं के लिये विशेष आकर्षण व श्रद्धा का केंद्र बन गया. सरस्वती मंदिर में प्रत्येक दिन सुबह शाम पूजा, आरती होती है. बसंत पंचमी के सरस्वती पूजा के दिन अंकुरित सरस्वती माता को विधि-विधान से 56 प्रकार का भोग लगाया जाता है. गम्हरिया गांव के ऋषि झा, सतीश कुमार झा व विकास कुमार झा सहित कई ग्रामीणों ने कहा कि सरस्वती की अंकुरित मूर्ति गम्हरिया गांव को छोड़कर बिहार में अन्य कही नहीं है. बिहार सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. इस स्थल को पर्यटन स्थल में शामिल कराने का आश्वासन कई मंत्री, विधायक व अधिकारियों ने दिया, लेकिन यह हकीकत में कब तक बदल सकेगी, यह भविष्य के गर्भ में है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By GAJENDRA KUMAR

GAJENDRA KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >