PM Kisan e-KYC: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रत्येक वर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में उपलब्ध कराई जाती है. योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए पंजीकृत किसानों का ई-केवाईसी सत्यापन पूर्ण होना आवश्यक है. केवाईसी नहीं होने की स्थिति में लाभुक किसान की आगामी किस्त का भुगतान प्रभावित हो सकता है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में मधुबनी जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत कुल 2,87,896 किसान लाभुक हैं. इनमें से 2,86,031 किसानों का ई-केवाईसी अभी लंबित है. जिला कृषि विभाग द्वारा लंबित ई-केवाईसी को शीघ्र पूरा कराने के लिए किसानों से लगातार अपील की गई है.
PM Kisan mobile app face authentication: घर बैठे मोबाइल से भी कर सकते हैं ई-केवाईसी
किसानों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी पूरा करने के दो प्रमुख माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं. किसान घर बैठे अपने मोबाइल फोन से भी आसानी से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके लिए गूगल प्ले स्टोर से पीएम किसान मोबाइल ऐप और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करना होगा.
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का विकल्प
किसान अपने आधार कार्ड एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ नजदीकी सीएससी या वसुधा केंद्र पर जा सकते हैं. वहां बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से आसानी से ई-केवाईसी कराया जा सकता है. इससे उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया में तकनीकी परेशानी आती है.
Kisan beneficiary status: फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया
मोबाइल ऐप के जरिए पंजीकरण संख्या अथवा आधार संख्या के माध्यम से लॉगिन कर ई-केवाईसी की स्थिति देखी जा सकती है. इसके बाद विकल्प पर क्लिक कर चेहरे का प्रमाणीकरण करना होगा. सफल फेस ऑथेंटिकेशन के बाद ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.
योजना के लाभ से वंचित होने से बचें
जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी पंजीकृत किसानों से समय रहते ई-केवाईसी पूरा करने की अपील की है. समय पर प्रक्रिया पूरी न होने पर किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता रुक सकती है.
यह भी पढ़ें... मधुबनी में जीविका ऋण वितरण शिविर का आयोजन, 140 महिलाओं के खातों में एक करोड़ रुपये भेजे गए
