Madhubani : हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर लोग करेंगे योगाभ्यास

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को मनाया जाएगा.

21 जून को मनाया जायेगा योग दिवस शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए करें योग मधुबनी . अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को मनाया जाएगा. इस दिन की थीम है “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग. इसका मुख्य उद्देश्य मानव कल्याण और एक स्वस्थ ग्रह के बीच संबंध को बढ़ावा देना है. यह हमें यह पहचानने के लिए प्रोत्साहित करता है कि जब हमारा शरीर और मन स्वस्थ होता है, तो हम अपने समुदाय और पर्यावरण के स्वास्थ्य का बेहतर ढंग से समर्थन कर पाते हैं. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि 21 जून को जिला के सभी क्रियाशील हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर योग दिवस पर कार्यक्रम आयोजन किया जाएगा. सिविल सर्जन ने कहा कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ आध्यात्मिक उन्नति के लिए योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करें. उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए योग बहुत जरूरी है. योग हमें ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है. हर साल दुनियाभर के तमाम देशों के बीच योग दिवस का प्रतिनिधित्व भारत करता है. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के बाद वर्तमान दौर में योग की भूमिका काफी बढ़ गई है. योग सिर्फ शारीरिक अभ्यास तक ही समिति नहीं है बल्कि योग से शरीर को माध्यम बनाकर आध्यात्मिक उन्नति भी की जा सकती है. शारीरिक और मानसिक बीमारी से बचने के लिए योग जरूरी योग शब्द संस्कृत शब्द “यूज ” से बना है. जिसका अर्थ है “जोड़ना ” या “एकजुट करना. यह मन, शरीर और आत्मा में सामंजस्य लाने के दर्शन का प्रतीक है. यह शारीरिक आसनों से कहीं अधिक है. जो श्वास व्यायाम, ध्यान और नैतिक सिद्धांतों को एकीकृत करता है. अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी के जरिये फेफड़ों को मजबूत बनाते हुए सांस संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है. योग का है महत्व योग शारीरिक गतिविधि से कहीं ज़्यादा है. इसमें आत्म-जागरूकता, ध्यान, सांस लेने की क्रिया और मंत्रोच्चार शामिल है. योग आसन करना आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद है. योग आपके श्वास पैटर्न को नियंत्रित करता है. यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. योग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाने में मदद करता है. यह आपके ताकत एक नींद के पैटर्न और प्रतिरक्षा में सुधार करता है. योग दर्द को प्रबंधित करने में भी मदद कर सकता है. पिछले कुछ सालों में हृदय रोग की घटनाओं में तेज़ी से वृद्धि देखी गई है. इसलिए, स्वस्थ हृदय सुनिश्चित करने के लिए योग को एक साधन के रूप में इस्तेमाल करना ज़रूरी हो गया है. योग समग्र स्वास्थ्य को बढ़ाता है और अंगों को स्वस्थ रखता है, जिससे कई बीमारियों का खतरा कम हो जाता है.

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By SHAILENDRA KUMAR JHA

SHAILENDRA KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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