मधुबनी. अपर जिला एवं सत्र न्यायालय सप्तम सह विशेष न्यायालय पॉक्सो के न्यायाधीश दिवेश कुमार की न्यायालय में साहरघाट थाना क्षेत्र में करीब दो वर्ष पहले चार वर्षीय नाबालिग के साथ हुई दुष्कर्म मामले की सजा के बिंदु पर गुरुवार को सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी साहरघाट थाना क्षेत्र के रतौली निवासी मनोज कुमार यादव को दफा 376 एबी भादवि, एवं 6 पॉक्सो एक्ट में बीस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही न्यायालय ने 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सरकार की ओर से न्यायालय में बहस करते हुए विशेष लोक अभियोजक कुमारी मधुरानी ने न्यायालय से कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी. वहीं बचाव पक्ष से लीगल एंड डिफेंस काउंसिल चीफ रंजीत कुमार झा ने बहस करते हुए कम से कम सजा देने की मांग की थी. क्या है मामला विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो के अनुसार घटना 17 जुलाई 2022 की है. जब नाबालिग पीड़िता अपने दादा के साथ बांस से बने मचान पर सोयी हुई थी. करीब एक बजे रात में पीड़िता की मां उठी तो देखा कि नाबालिग वहां नहीं थी. इसके बाद वह पीड़िता के बारे में अपने ससुर से पूछा और खोजबीन करने लगी. इसी दौरान बगल के गाछी से आवाज सुनाई पड़ी. जब पीड़िता के परिजन वहां पहुंचे तो आरोपी को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करते देखा. आरोपी लोगों को देखते ही भाग गया. मामले को लेकर पीड़िता के मां ने साहरघाट थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पांच लाख क्षतिपूर्ति देने का आदेश विशेष लोक अभियोजक के अनुसार न्यायालय ने पीड़िता की मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार को पांच लाख रुपये देने का आदेश दिया है. वहीं आरोपी के जुर्माना देने की स्थिति में जुर्माने की राशि भी पीड़िता को देने का आदेश दिया है. .
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