उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं. गर्मी से राहत नहीं मिल रहा. तापमान दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है. बारिश के आसार नहीं हैं. किसानों के चेहरे मुरझा रहे हैं.
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
मधुबनी. उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं. गर्मी से राहत नहीं मिल रहा. तापमान दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है. बारिश के आसार नहीं हैं. किसानों के चेहरे मुरझा रहे हैं. जो धान रोपे जा चुके हैं वह भी पानी के अभाव में सूख रहा है. जो अभी रोपनी को बचा था वहां इस मौसम में धूल उड़ रहे हैं. सुबह होते ही धूप इस कदर तेज हो जाती है कि लोग बाहर निकलने से कतराते हैं. सड़कें वीरान हो रही हैं. इधर, बादलों का आंख मिचौली चल रहा है. कभी तेज धूप तो कभी हल्के बादल आकर छांव दे जाता है. इस उमस भरी गर्मी में गांव की महिलाएं पेड़ के नीचे हाथ पंखा के सहारे राहत पाने की जुगत में है. जबकि स्कूल कॉलेज के छात्र छाता के सहारे बचने की कोशिश में रहते हैं. जिसे जहां भी गर्मी से बचने का रास्ता दिखाई देता लोग बचने का प्रयास करते नजर आते हैं.
बारिश के आसार नहीं
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में कहा है कि अगले एक सप्ताह तक आसमान में बादल छाया रहेगा. पर मॉनसून कमजोर होने के कारण बारिश के आसार नहीं हैं. इस अवधि में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है. पूर्वानुमानित अवधि में पूरवा हवा चलने का अनुमान है. औसतन 15-20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है. उचास जमीन में अरहर की बुआई यथाशीघ्र समाप्त कर लेने की सलाह किसानों को दी गयी है. बुआई के समय प्रति हेक्टेयर 20 किलो नेत्रजन, 45 किलो स्फुर एवं 20 किलो पोटाश तथा 20 किलो सल्फर का व्यवहार करना चाहिए. बहार, पूसा 9, नरेद्र अरहर 1. मालवीय-13, राजेन्द्र अरहर 1 आदि किस्में बुआई के लिए अनुशंसित है. बुआई के 24 घंटे पूर्व 2.5 ग्राम थीरम दवा से प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार करना चाहिए. बुआई के ठीक पहले उपचारित बीज को उचित राईजोबियम कल्चर से उपचारित कर बुआई करनी चाहिए.
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