Madhubani News: मिथिला की समृद्ध लोक संगीत परंपरा और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संवाहक रसन चौकी वादक महेन्द्र राम को प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया. राजनगर प्रखंड के भटसिमर निवासी महेंद्र राम को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान से न केवल उनका गांव, बल्कि पूरा मिथिला गौरवान्वित हुआ है.
दशकों की साधना को मिला राष्ट्रीय सम्मान
महेन्द्र राम ने रसन चौकी वादन की लोक संगीत विधा को अपनी दशकों की साधना, समर्पण और प्रतिभा के माध्यम से जीवंत रखा है. संगीत नाटक अकादमी का यह सम्मान उनकी इसी साधना और लोककला के प्रति समर्पण की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान माना जा रहा है.
मिथिला की लोक सांस्कृतिक परंपरा में रसन चौकी वादन का विशेष महत्व है. महेंद्र राम ने इस पारंपरिक विधा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है.
राष्ट्रपति के हाथों सम्मान से भटसिमर में बढ़ा उत्साह
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भटसिमर निवासी महेंद्र राम को देश का प्रतिष्ठित सम्मान मिलने से गांव में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रपति के हाथों गांव के बुजुर्ग कलाकार का सम्मानित होना पूरे गांव के लिए गौरव की बात है.
भटसिमर पश्चिमी पंचायत की मुखिया गूंज देवी और दीपेन्द्र कुमार मंडल सहित अन्य ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि महेंद्र राम के सम्मान से भटसिमर गांव धन्य हो गया है.
मिथिला की लोककला को मिली राष्ट्रीय पहचान
ग्रामीणों ने कहा कि यह सम्मान केवल महेंद्र राम की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि मिथिला की लोक कला, संस्कृति और परंपरा का भी सम्मान है. रसन चौकी जैसी पारंपरिक लोक संगीत विधा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से क्षेत्र के कलाकारों और कला प्रेमियों में भी उत्साह बढ़ा है.
महेन्द्र राम के सम्मान से भटसिमर के साथ-साथ पूरे मिथिला के कला प्रेमियों में खुशी की लहर है. लोगों का कहना है कि ऐसे सम्मान से आने वाली पीढ़ियों को अपनी लोक परंपराओं को सहेजने और आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलेगी.
