बिहार में मौसम का मिजाज: दो-तीन दिनों में 4 डिग्री तक बढ़ेगा पारा, 24 जून को भारी बारिश का अनुमान

Madhubani Weather News: मधुबनी सहित आस-पास के इलाकों में दो-तीन दिनों में तापमान 4 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है. पुरवा हवा से सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है, जिसे देखते हुए सिविल सर्जन के निर्देश पर सभी सरकारी अस्पताल अलर्ट मोड पर हैं.जानिए पूरी खबर…

मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट

Madhubani Weather News: बिहार में पूर्वा हवा (पुरबा बयार) चलने के बावजूद लोगों को उमस भरी भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल रही है. ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है. शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम वेधशाला पूसा और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, 24 जून को जिले में 65 से 70 एमएम तक भारी बारिश की संभावना है, जिससे तापमान 40-42 डिग्री तक पहुंचने के बाद राहत मिल सकती है.

पुरवा हवा का सेहत पर सीधा वार: सुस्ती, जोड़ों का दर्द और पैरालिसिस का खतरा

मौसम वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के अनुसार, पुरवा हवा के कारण स्वास्थ्य पर कई गंभीर प्रभाव पड़ते हैं. यह हवा पुरानी चोटों और जोड़ों के दर्द (अर्थराइटिस) को बढ़ा देती है. इस मौसम में खुले में सोने से हाथ-पैर सुन्न होने या लकवा (पैरालिसिस) मारने की समस्या भी हो सकती है. इसके अलावा, हवा में नमी के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है. जानकारों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव से शरीर में मेलाटोनिन और सेरोटोनिन जैसे हार्मोन का स्तर बदल जाता है, जिससे सुस्ती, नींद की कमी, उदासी और सिरदर्द जैसी दिक्कतें सामने आती हैं.

स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट:

भीषण गर्मी और लू (Heat Wave) की आशंका को देखते हुए मधुबनी के सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने विशेष कार्य योजना तैयार की है. सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी-डायरिया मेडिसिन, आईवी फ्लूइड और ओआरएस (ORS) का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है. लू से प्रभावित गंभीर मरीजों के लिए अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड बनाए गए हैं, जहां 24 घंटे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रोस्टर के आधार पर की गई है. आपातकालीन स्थिति के लिए एसी और ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है, साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों को ‘ऑन कॉल ड्यूटी’ पर रहने के निर्देश दिए गए हैं.

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Published by: SUMIT KUMAR

सुमित पत्रकारिता में पिछले 4 वर्षों से सक्रिय। प्रभात खबर के प्रिंट मीडिया के साथ काम करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम से जुड़े हुए हैं। क्राइम, हाईपरलोकल, स्वास्थ्य विभाग व राजनीतिक रिपोर्टिंग में विशेष रुचि और अनुभव रखते हैं। क्षेत्रीय मुद्दों और जनसरोकार की खबरों को सशक्त तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं।

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