Madhubani News:बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद न्यायालय में गवाही देने उपस्थित नहीं होना पीएमसीएच के तत्कालीन पोस्टमार्टम चिकित्सक डॉ. अनील सारडील को महंगा पड़ गया. मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए जिला अपर सत्र न्यायालय प्रथम सह विशेष न्यायालय एससी/एसटी की न्यायाधीश रचना राज ने डॉक्टर के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है. विशेष लोक अभियोजक के अनुसार यह मामला फुलपरास थाना कांड संख्या 265/22 (सरकार बनाम रोहित कामत) से जुड़ा है.
भूमि विवाद में चली गई थी सात वर्षीय मासूम की जान
यह पूरा मामला भूमि विवाद में हुई मारपीट के दौरान एक सात वर्षीय मासूम बच्ची रूची कुमारी की मौत से संबंधित है. विशेष लोक अभियोजक सपन कुमार सिंह ने बताया कि फुलपरास थाना क्षेत्र के मेनहा गांव में सुरेन्द्र राम और रोहित कामत के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था. इसी विवाद में दोनों पक्षों के बीच हिंसक मारपीट हो गई. घटना के वक्त सूचक की सात वर्षीय भतीजी रूची कुमारी अपनी मां फुलकुमारी की गोद में थी. आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपी द्वारा चलाई गई टेंगारी (धारदार हथियार) से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई.
इलाज के दौरान पीएमसीएच में तोड़ा था दम,
घायल बच्ची को बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इस मामले में मृत बच्ची का पोस्टमार्टम डॉ. अनील सारडील द्वारा किया गया था. केस को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए डॉक्टर की गवाही को अदालत बेहद महत्वपूर्ण मान रही है. फिलहाल मामला गवाही के स्तर पर ही लंबित है.
नोटिस को किया गया नजरअंदाज
विशेष लोक अभियोजक के अनुसार, केस में बाकी सभी गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है, सिर्फ डॉक्टर की गवाही बची है. न्यायालय की ओर से स्पीडी ट्रायल विभाग, पीएमसीएच अध्यक्ष, जिला प्रशासन और एसपी पटना के माध्यम से डॉक्टर को कई बार समन और नोटिस भेजा गया. इसके बावजूद डॉक्टर अदालत में हाजिर नहीं हुए. इसे न्याय प्रक्रिया में बाधा मानते हुए अदालत ने सख्त रुख अपनाया और वारंट जारी कर दिया.
मधुबनी से अजय आनंद कि रिपोर्ट
