खराब लाइफस्टाइल और नमक से बढ़ रहा बीपी का खतरा, सदर अस्पताल में मरीजों को किया जागरूक

Madhubani News: विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर एनसीडी क्लीनिकों में मुफ्त बीपी-डायबिटीज जांच की गई. जिले में 45 हजार से अधिक मरीज इलाज पर हैं. बीपी नियंत्रण के लिए 17 से 23 मई तक विशेष परामर्श शिविर लगाया जाएगा. जानिए खबर विस्तार से…

Madhubani News: सदर अस्पताल सहित जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में रविवार को विश्व उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) दिवस मनाया गया. इस वर्ष 2026 की थीम “उच्च रक्तचाप को मिलकर नियंत्रित करें” रखी गई है, जिसका उद्देश्य बीपी प्रबंधन में मरीजों, डॉक्टरों और सरकारों के सम्मिलित प्रयास को बढ़ावा देना है. इस मौके पर जिले के सभी एनसीडी (NCD) क्लीनिकों में मरीजों के बीपी और डायबिटीज की मुफ्त जांच की गई.

साइलेंट किलर है हाई बीपी

जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी (एनसीडीओ) डॉ. एसएन झा ने बताया कि उच्च रक्तचाप को ‘साइलेंट किलर’ माना जाता है, क्योंकि दुनिया भर में करीब 46 फीसदी लोग इस बीमारी से अनजान हैं. खराब जीवनशैली, तनाव, नींद की कमी और भोजन में नमक का अत्यधिक सेवन इसके मुख्य कारण हैं. यह हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी की गंभीर समस्याओं को जन्म देता है. इसलिए 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नियमित रूप से अपने ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए.

जिले में 45 हजार मरीज, 23 मई तक चलेगा विशेष जांच शिविर

आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच जिले में 8 लाख 37 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 27 हजार से ज्यादा नए मरीज मिले. वर्तमान में जिले के सरकारी अस्पतालों से 45 हजार 36 बीपी मरीज इलाज ले रहे हैं. डॉ. झा ने बताया कि इस दिवस के उपलक्ष्य में 17 मई से 23 मई तक सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क जांच सह चिकित्सा परामर्श शिविर लगाया जा रहा है, जहां लोग अपनी जांच करा सकते हैं.

मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट

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Published by: Purushottam Kumar

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