Madhubani News: कृषि विभाग द्वारा तय नियमावली के विरुद्ध तकनीकी काम का बोझ बढ़ाए जाने के खिलाफ जिला किसान सलाहकार संघ ने मोर्चा खोल दिया है. रविवार को संयुक्त कृषि भवन परिसर में संघ के जिला अध्यक्ष संजीव कुमार झा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान सलाहकारों ने एकजुट होकर कृषि विभाग की नीतियों के खिलाफ गहरा रोष प्रकट किया.
तकनीकी काम का बोझ
जिला अध्यक्ष संजीव कुमार झा ने विभाग के दोहरे मापदंड को उजागर करते हुए कहा कि किसान सलाहकारों से सालों से फसल सर्वेक्षण और फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाने जैसे बेहद जटिल व तकनीकी काम कराए जा रहे हैं. धरातल पर कृषि योजनाओं को लागू करने की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं की होती है. इसके बावजूद, राज्य कृषि निदेशालय पत्र जारी कर उन्हें ‘गैर-तकनीकी कर्मी’ बताता है. हद तो यह है कि इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बाद भी विभागीय आदेशों में उन्हें सरकारी कर्मचारी न मानकर केवल ‘प्रगतिशील किसान’ का दर्जा दिया जाता है.
ईमेल भेजकर जताई आपत्ति, डीएओ ने दिया आश्वासन
इस भेदभावपूर्ण नीति से नाराज किसान सलाहकारों ने अपनी समस्याओं के समाधान और मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की मांग को लेकर विभाग के सभी वरीय अधिकारियों को ईमेल भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) ने किसान सलाहकारों की मांगों को जायज ठहराया है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि आगामी राज्य स्तरीय बैठक में वे इस मुद्दे को प्रमुखता से उच्च अधिकारियों के समक्ष रखेंगे.
मधुबनी से डॉ शैलेन्द्र कुमार झा की रिपोर्ट
