Madhubani News: प्रखंड क्षेत्र के ठाहर गांव स्थित बिसहारा स्थान के समीप खजौली बैतरणी शाखा नहर का पश्चिमी बांध टूट जाने से आसपास के सैकड़ों एकड़ खेतों में पानी फैल गया. घटना के बाद किसानों में अफरातफरी मच गई. वहीं नहर का बांध टूटने से आगे के क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी का प्रवाह भी बाधित हो गया.
पानी छोड़े जाने के कुछ घंटे बाद टूटा बांध
जानकारी के अनुसार सकरी डिवीजन के अधीन आने वाली इस शाखा नहर में बुधवार शाम सिंचाई के उद्देश्य से पानी छोड़ा गया था. पानी छोड़े जाने के कुछ ही घंटों बाद ठाहर गांव के समीप पश्चिमी बांध टूट गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी का बहाव काफी तेज था और जलस्तर बांध की ऊंचाई से करीब डेढ़ से दो फीट नीचे तक पहुंच गया था.
किसानों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
स्थानीय किसानों का आरोप है कि कुछ दिन पहले मेघा इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा नहर की सिल्ट सफाई और बांध की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं होने के कारण बांध पानी का दबाव नहीं झेल सका.
किसानों का कहना है कि कई स्थानों पर बांध की सही तरीके से पिचिंग नहीं की गई, जिससे किनारों की मिट्टी खिसकने लगी है. कई जगहों पर बांध में दरारें भी दिखाई दे रही हैं.
कई गांवों की सिंचाई प्रभावित
बांध टूटने से ठाहर, गौरीमेरन, रसीदपुर, लक्ष्मीपुर, रही और बलहा समेत दर्जनों गांवों के खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पा रहा है. इससे धान की खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.
युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही मेघा इंजीनियरिंग कंपनी के कर्मी मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन और मरम्मत कार्य में जुट गए.
जेई आनंद मोदी ने बताया कि बांध के समीप अत्यधिक गहरा गड्ढा और तालाब होने के कारण पानी का दबाव बढ़ गया था, जिससे बांध क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने कहा कि युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य किया जा रहा है और जल्द ही नहर में दोबारा पानी छोड़ा जाएगा.
