प्रतियोगिता के बाद प्रतिभागियों का सामूहिक समूह चित्र
सभी प्रतिभागियों ने मंच पर दिखाई सांस्कृतिक एकता
मंच पर एक साथ उपस्थित प्रतिभागियों ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया. पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं और बच्चों ने मिथिला की सांस्कृतिक विविधता का सुंदर संदेश दिया.
प्रतिभागियों का उत्साह और पारंपरिक परिधान आकर्षण का केंद्र बने
मधुश्रावणी के रंग में रंगी प्रतिभागियों की मुस्कान
सभी प्रतिभागियों ने पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों में अपनी सांस्कृतिक पहचान को खूबसूरती से प्रस्तुत किया. आयोजन में उत्साह और आत्मविश्वास दोनों देखने को मिले.
डाली सज्जा प्रतियोगिता की विजेता को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया
विजेता प्रतिभागी को सम्मानित करतीं अतिथि
प्रतियोगिता के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. आयोजन का उद्देश्य महिलाओं की रचनात्मकता और मधुश्रावणी पर्व की परंपराओं को बढ़ावा देना था.
प्रतिभागियों ने पारंपरिक गीत प्रस्तुत कर माहौल को सांस्कृतिक रंग दिया.
मधुश्रावणी गीतों से गूंज उठा मिथिला हाट
डाली सज्जा प्रतियोगिता के साथ मधुश्रावणी गीतों की प्रस्तुति ने आयोजन को और यादगार बना दिया. महिलाओं ने लोकगीतों के माध्यम से मिथिला की सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत किया.
प्राकृतिक फूलों और पत्तियों से तैयार आकर्षक डाली.
रंग-बिरंगे फूलों से सजी पारंपरिक डाली
प्रतियोगिता में तैयार की गई डालियों में ताजे फूलों, पत्तियों और प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया गया. हर प्रतिभागी ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक सोच का सुंदर प्रदर्शन किया.
आयोजन के दौरान प्रतिभागियों के साथ समिति के सदस्य.
प्रतिभागियों के साथ आयोजन समिति की यादगार तस्वीर
प्रतियोगिता के सफल आयोजन के बाद प्रतिभागियों और आयोजन समिति ने सामूहिक तस्वीर खिंचवाई. इस मौके पर सभी ने कार्यक्रम की सफलता पर खुशी जताई.
प्रमाण पत्र प्राप्त करती विजेता प्रतिभागी
सम्मान समारोह में विजेता का बढ़ाया गया उत्साह
बेहतरीन प्रस्तुति देने वाली प्रतिभागी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. पुरस्कार मिलने के बाद प्रतिभागियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी.
मंच पर एक साथ बैठीं सभी प्रतिभागी
पारंपरिक श्रृंगार में सजी प्रतिभागियों की टोली
मिथिला की पारंपरिक वेशभूषा और श्रृंगार में सजी प्रतिभागियों ने आयोजन की सुंदरता को कई गुना बढ़ा दिया. मंच पर एक साथ बैठा यह समूह आकर्षण का केंद्र रहा.
पारंपरिक वेशभूषा में प्रतिभागियों का समूह चित्र
मिथिला हाट परिसर में प्रतिभागियों की भव्य प्रस्तुति
प्रतियोगिता के बाद प्रतिभागियों ने मिथिला हाट परिसर में सामूहिक तस्वीर खिंचवाई. यह तस्वीर आयोजन की यादों को संजोने वाली बनी.
प्रतिभागियों का उत्साह और पारंपरिक परिधान आकर्षण का केंद्र बने
मधुश्रावणी के रंग में रंगी प्रतिभागियों की मुस्कान
सभी प्रतिभागियों ने पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों में अपनी सांस्कृतिक पहचान को खूबसूरती से प्रस्तुत किया. आयोजन में उत्साह और आत्मविश्वास दोनों देखने को मिले.
युवतियां फूलों से डाली सजाने में जुटीं
नई पीढ़ी ने भी दिखाई रचनात्मक सोच
युवा प्रतिभागियों ने भी पारंपरिक कला में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने फूलों और पत्तियों की मदद से आकर्षक डिजाइन तैयार किए.
मिथिला हाट परिसर में डाली सज्जा प्रतियोगिता का दृश्य
बड़ी संख्या में जुटीं प्रतिभागी महिलाएं
प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया. पूरे परिसर में उत्साह और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिला.
प्रतिभागी अंतिम रूप देती हुईं अपनी डाली को
डाली सजाने में दिखी कलात्मक प्रतिभा
प्रतियोगिता के अंतिम चरण में प्रतिभागियों ने अपनी डाली को सुंदर बनाने के लिए फूलों और पत्तियों की अंतिम सजावट की. हर प्रस्तुति अलग पहचान लिए हुए थी.
मिथिला हाट में आयोजित डाली सज्जा प्रतियोगिता का दृश्य
मधुश्रावणी की परंपरा को मिला नया मंच
मधुश्राणीव डाली सज्जा प्रतियोगिता ने पारंपरिक कला, महिलाओं की रचनात्मकता और मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत किया. पूरे आयोजन में उत्साह, लोकसंस्कृति और पारंपरिक सौंदर्य की अनूठी झलक देखने को मिली.
प्रतिभागी मिलकर डाली सजाने में व्यस्त
रचनात्मकता और परंपरा का सुंदर संगम
प्रतियोगिता के दौरान महिलाओं ने प्राकृतिक सामग्री और फूलों का उपयोग कर अलग-अलग डिजाइन तैयार किए. हर डाली में रचनात्मक सोच की झलक दिखाई दी.
फूलों को सजाकर डाली तैयार करती प्रतिभागी
हर फूल में दिखी प्रतिभागियों की मेहनत
प्रतिभागियों ने कई घंटों की मेहनत से डाली को अंतिम रूप दिया. छोटे-छोटे फूलों और पत्तियों को सलीके से सजाकर आकर्षक प्रस्तुति दी गई.