Madhubani Mandi Bhav: मधुबनी की प्रसिद्ध गिलेशन मंडी में शुक्रवार, 5 जून 2026 को डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और माल ढुलाई खर्च में इजाफे के कारण खाद्य तेल, रिफाइंड और चावल के दामों में भारी उछाल दर्ज किया गया है. इस अचानक आई तेजी से आम उपभोक्ताओं और गृहणियों की रसोई का मासिक बजट पूरी तरह प्रभावित होने लगा है.
गिलेशन मंडी में आज सरसों तेल और रिफाइंड के नए दाम क्या हैं?
बाजार के रुख के मुताबिक, अलग-अलग ब्रांड के तेल व रिफाइंड में ₹5 से लेकर ₹15 प्रति लीटर तक की तेजी आई है. अगर आप आज राशन की खरीदारी करने बाजार निकलने वाले हैं, तो मोल-भाव से बचने के लिए गिलेशन मंडी के वर्तमान रेट्स की विस्तृत सूची नीचे देख सकते हैं:
| खाद्य सामग्री / प्रमुख ब्रांड | पहले का भाव (₹) | आज का नया भाव (₹) | बाजार में शुद्ध बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| इंजन तेल (प्रति लीटर) | ₹195 | ₹200 | ₹5 प्रति लीटर की तेजी |
| सलोनी सरसों तेल (प्रति लीटर) | ₹165 | ₹175 | ₹10 का उछाल |
| पहलवान सरसों तेल (प्रति लीटर) | ₹180 | ₹190 | ₹10 का इजाफा |
| फॉर्च्यून रिफाइंड (प्रति लीटर) | ₹145 | ₹150 | ₹5 की बढ़ोतरी |
| सफोला गोल्ड (प्रति लीटर) | ₹195 | ₹210 | ₹15 की भारी तेजी |
| चावल (सभी किस्में – प्रति किलो) | पुराना रेट | नया रेट | ₹3 से ₹4 की वृद्धि |
ईंधन की बढ़ती कीमतों का मधुबनी किराना बाजार पर क्या असर हुआ?
गिलेशन मंडी के खुदरा व थोक किराना बाजार में आज मंदी के विपरीत भारी तेजी का माहौल देखा जा रहा है. परिवहन खर्च बढ़ने के कारण खाद्यान्न से लेकर खाद्य तेलों तक की कीमतें आसमान छूने लगी हैं:
- सरसों तेल के तेवर हुए कड़े: सलोनी और पहलवान जैसे लोकप्रिय सरसों तेल के ब्रांड्स में प्रति लीटर ₹10 की सीधी बढ़ोतरी हुई है. पहलवान तेल अब ₹190 और सलोनी तेल ₹175 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है. इसके साथ ही इंजन तेल भी ₹200 प्रति लीटर के आंकड़े को छू चुका है.
- रिफाइंड तेल की कीमतों में उछाल: मध्यमवर्गीय परिवारों में उपयोग होने वाले फॉर्च्यून रिफाइंड के दाम ₹145 से बढ़कर ₹150 प्रति लीटर हो गए हैं. वहीं प्रीमियम श्रेणी के सफोला गोल्ड में सबसे बड़ी ₹15 की तेजी देखी गई है, जिससे इसका नया भाव ₹210 प्रति लीटर दर्ज किया गया है.
- चावल की हर वैरायटी महंगी: तेल के साथ-साथ खाद्यान्न बाजार भी पूरी तरह प्रभावित हुआ है. मंडी के कारोबारियों के अनुसार, कतरनी, बासमती, मंसूरी सहित हर किस्म के चावल में ₹3 से ₹4 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हो गई है.
बाजार की वर्तमान स्थिति पर स्थानीय आढ़तियों का क्या कहना है?
गिलेशन मंडी के थोक डीलरों और आढ़तियों का कहना है कि डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से बाहरी मंडियों और मिलों से आने वाले सामानों की परिवहन लागत (Freight Charge) काफी बढ़ गई है. जब तक ईंधन की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक किराना सामग्रियों के दामों में नरमी की संभावना बेहद कम है. खुदरा उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे रिहायशी इलाकों की दुकानों पर जाने से पहले मुख्य मंडी के इन आधिकारिक रेट को बेंचमार्क मानकर ही अपने बजट की योजना बनाएं.
