Madhubani Mandi Bhav: मधुबनी की प्रमुख गिलेशन मंडी में शनिवार 13 जून 2026 को खाद्य तेल और खाद्यान्न बाजार में तेजी का रुख जारी रहा. मंडी कारोबारियों के अनुसार डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर अब किराना बाजार पर दिखाई देने लगा है. सरसों तेल, रिफाइंड और कई प्रमुख ब्रांडों के खाद्य तेलों के साथ-साथ चावल की विभिन्न किस्मों के दामों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है.
तेल के दामों ने बढ़ाई रसोई की चिंता
गिलेशन मंडी में सबसे ज्यादा असर खाद्य तेल बाजार पर देखने को मिला है. सफोला गोल्ड, सलोनी सरसों तेल, पहलवान सरसों तेल और फॉर्च्यून रिफाइंड समेत कई लोकप्रिय ब्रांडों के दाम बढ़े हैं.
| खाद्य सामग्री / ब्रांड | पहले का भाव | नया भाव | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| सफोला गोल्ड | ₹195 | ₹210 | ₹15 |
| सलोनी सरसों तेल | ₹165 | ₹175 | ₹10 |
| पहलवान सरसों तेल | ₹180 | ₹190 | ₹10 |
| इंजन तेल | ₹195 | ₹200 | ₹5 |
| फॉर्च्यून रिफाइंड | ₹145 | ₹150 | ₹5 |
मंडी कारोबारियों के अनुसार हाल के दिनों में खाद्य तेलों में यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक मानी जा रही है.
चावल बाजार में भी बढ़ी गर्मी
खाद्य तेल के साथ-साथ चावल बाजार में भी तेजी देखने को मिली है. थोक बाजार में बढ़ी कीमतों का असर खुदरा दुकानों तक पहुंच चुका है.
| चावल की किस्म | बाजार रुझान |
|---|---|
| कतरनी चावल | ₹3-₹4 प्रति किलो तेजी |
| बासमती चावल | ₹3-₹4 प्रति किलो तेजी |
| मंसूरी चावल | ₹3-₹4 प्रति किलो तेजी |
| अन्य किस्में | कीमतों में वृद्धि |
व्यापारियों के अनुसार लगभग सभी प्रमुख चावल किस्मों के दाम बढ़े हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ सकता है.
महंगाई के पीछे ट्रांसपोर्ट लागत बनी बड़ी वजह
मंडी के थोक कारोबारियों का कहना है कि बाहरी राज्यों और विभिन्न राइस मिलों से आने वाले माल की ढुलाई लागत लगातार बढ़ रही है. डीजल और पेट्रोल के महंगे होने से परिवहन खर्च में वृद्धि हुई है, जिसका असर सीधे खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है.
व्यापारियों का मानना है कि जब तक परिवहन लागत में राहत नहीं मिलती, तब तक खाद्य तेल और चावल के दामों में नरमी की संभावना कम है.
एक नजर में: मधुबनी मंडी भाव 13 जून 2026
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| जिला | मधुबनी |
| प्रमुख बाजार | गिलेशन मंडी |
| सबसे अधिक महंगा | खाद्य तेल |
| सबसे बड़ी बढ़ोतरी | सफोला गोल्ड ₹15 प्रति लीटर |
| चावल बाजार | ₹3-₹4 प्रति किलो तेजी |
| प्रमुख कारण | परिवहन एवं माल ढुलाई लागत |
घरेलू बजट पर बढ़ सकता है असर
खाद्य तेल और चावल जैसी आवश्यक वस्तुओं के महंगे होने से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ सकता है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में और वृद्धि होती है तो अन्य किराना वस्तुओं के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं.
उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि खरीदारी से पहले मंडी के ताजा भाव की जानकारी जरूर लें.
महत्वपूर्ण बातें
- सफोला गोल्ड में ₹15 प्रति लीटर की सबसे बड़ी बढ़ोतरी.
- सलोनी और पहलवान सरसों तेल ₹10 प्रति लीटर महंगे हुए.
- फॉर्च्यून रिफाइंड ₹5 प्रति लीटर महंगा हुआ.
- चावल की प्रमुख किस्मों में ₹3 से ₹4 प्रति किलो तेजी.
- परिवहन लागत को बढ़ती कीमतों का प्रमुख कारण माना जा रहा है.
