Madhubani Mandi Bhav: जाने गिलेशन मंडी में क्या है आज आटा, चावल और सब्जियों के दाम

Madhubani Mandi Bhav: मधुबनी की गिलेशन मंडी में 12 जून 2026 को खाद्य तेल और चावल के दाम बढ़े. सफोला गोल्ड 210 रुपये प्रति लीटर पहुंचा, जबकि कई चावल किस्मों में 3 से 4 रुपये प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई.

Madhubani Mandi Bhav: मधुबनी की प्रमुख गिलेशन मंडी में 12 जून 2026, शुक्रवार को खाद्य तेल और खाद्यान्न की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बाजार से मिली जानकारी के अनुसार डीजल और पेट्रोल की बढ़ती लागत का असर अब सीधे किराना बाजार पर दिखाई देने लगा है. सरसों तेल, रिफाइंड और कई लोकप्रिय ब्रांडों के खाद्य तेलों के साथ-साथ चावल की विभिन्न किस्मों के दाम भी बढ़े हैं. इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं और घरेलू बजट पर पड़ रहा है.


तेल बाजार में सबसे ज्यादा दिखी महंगाई की मार

गिलेशन मंडी में खाद्य तेलों की कीमतों में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. व्यापारियों के अनुसार परिवहन लागत बढ़ने से विभिन्न ब्रांडों के तेल महंगे हुए हैं.

खाद्य सामग्री / ब्रांडपहले का भावनया भावबढ़ोतरी
सफोला गोल्ड (प्रति लीटर)₹195₹210₹15
सलोनी सरसों तेल₹165₹175₹10
पहलवान सरसों तेल₹180₹190₹10
इंजन तेल₹195₹200₹5
फॉर्च्यून रिफाइंड₹145₹150₹5

मंडी कारोबारियों का कहना है कि हाल के दिनों में तेल बाजार में यह सबसे बड़ी तेजी में से एक है.


चावल बाजार में भी बढ़ी कीमतें

सिर्फ खाद्य तेल ही नहीं, बल्कि चावल बाजार में भी तेजी का माहौल बना हुआ है. थोक बाजार में बढ़ी कीमतों का असर खुदरा बाजार तक पहुंच चुका है.

चावल की किस्मबाजार रुझान
कतरनी चावल₹3-₹4 प्रति किलो तेजी
बासमती चावल₹3-₹4 प्रति किलो तेजी
मंसूरी चावल₹3-₹4 प्रति किलो तेजी
अन्य किस्मेंकीमतों में वृद्धि दर्ज

व्यापारियों के अनुसार बाजार में आने वाली लगभग सभी प्रमुख चावल किस्मों के दाम बढ़े हैं.


महंगाई के पीछे क्या है मुख्य वजह

मंडी कारोबारियों का कहना है कि बाहरी राज्यों और विभिन्न मिलों से आने वाले माल की ढुलाई लागत लगातार बढ़ रही है. डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर ट्रांसपोर्ट खर्च पर पड़ा है.

थोक डीलरों के अनुसार जब तक परिवहन लागत में राहत नहीं मिलती, तब तक खाद्य तेल और खाद्यान्न की कीमतों में नरमी की संभावना कम दिखाई दे रही है.


एक नजर में: मधुबनी मंडी भाव 12 जून 2026

मुख्य बिंदुविवरण
जिलामधुबनी
प्रमुख बाजारगिलेशन मंडी
सबसे अधिक महंगाखाद्य तेल
अधिकतम बढ़ोतरीसफोला गोल्ड में ₹15 प्रति लीटर
चावल बाजार₹3-₹4 प्रति किलो तेजी
बढ़ोतरी का प्रमुख कारणपरिवहन और माल ढुलाई लागत

गृहस्थी के बजट पर बढ़ सकता है दबाव

खाद्य तेल और चावल जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के महंगे होने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में और वृद्धि होती है तो अन्य किराना वस्तुओं के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं.

उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि खरीदारी से पहले बाजार के ताजा भाव की जानकारी अवश्य लें.


आज की प्रमुख बातें

  • सफोला गोल्ड में ₹15 प्रति लीटर की सबसे बड़ी बढ़ोतरी.
  • सलोनी और पहलवान सरसों तेल ₹10 प्रति लीटर महंगे हुए.
  • फॉर्च्यून रिफाइंड में ₹5 प्रति लीटर की तेजी.
  • चावल की कई प्रमुख किस्मों में ₹3-₹4 प्रति किलो की बढ़ोतरी.
  • परिवहन लागत को कीमत बढ़ने की मुख्य वजह माना जा रहा है.

मंडी कारोबारियों की राय: बाहरी राज्यों से आने वाले माल की ढुलाई लागत बढ़ने के कारण किराना बाजार पर दबाव बना हुआ है. जब तक परिवहन खर्च कम नहीं होता, तब तक कीमतों में राहत मिलने की संभावना सीमित है.

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लेखक के बारे में

Published by: Aaruni Thakur

प्रभात खबर में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत आरुणि ठाकुर, पत्रकारिता के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वर्तमान में वे समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। विस्तार न्यूज और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में अनुभव प्राप्त आरुणि को हाइपरलोकल खबरों, राजनीति और डॉक्यूमेंट्री निर्माण में विशेष रुचि है।

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