मधुबनी से नागेंद्र नाथ झा की रिपोर्ट
Madhubani News: चेतना समिति की ओर से स्थानीय जेएन कॉलेज में जिला के प्रबुद्ध नागरिकों और मैथिली आंदोलनकारियों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में आगामी जनगणना में सभी लोगों से अपनी मातृभाषा के रूप में मैथिली अंकित कराने की अपील की गई.
मातृभाषा की महत्ता पर हुई चर्चा
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ फूलो पासवान ने मातृभाषा की महत्ता और उसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला.
उन्होंने कहा कि मैथिली एक विस्तृत भू-भाग में बोली जाने वाली भाषा है और मजदूरों, गरीबों, दलितों तथा पिछड़े वर्गों की प्रमुख भाषा है. ऐसे में लोगों का कर्तव्य है कि वे जनगणना में अपनी मातृभाषा के रूप में मैथिली अंकित कराएं.
मैथिली भाषियों को जागरूक करने पर जोर
चेतना समिति के अध्यक्ष विवेकानंद भा ने कहा कि मैथिली केवल समृद्ध भाषा ही नहीं, बल्कि आजीविका की भाषा भी बन चुकी है.
उपाध्यक्ष उमेश मिश्र ने कहा कि मैथिली भाषियों की संख्या करीब 9 करोड़ मानी जाती है, लेकिन 2011 की जनगणना में केवल 1.35 करोड़ लोगों ने ही मैथिली दर्ज कराई थी. उन्होंने लोगों से जागरूक रहने की अपील की.
रथ यात्रा और पदयात्रा निकालने का प्रस्ताव
शीतलांबर झा ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बैठक की जाएगी और लोगों को जागरूक करने के लिए रथ यात्रा निकाली जाएगी.
वहीं छाया मिश्रा ने मैथिली संगठनों के बीच समन्वय स्थापित कर अभिमान पदयात्रा जैसे कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया.
समिति गठन का निर्णय
बैठक के अंत में शेखर सुमन झा के संयोजन में एक समन्वय समिति का गठन किया गया.
इसमें प्रो. प्रीतम निषाद, प्रो. शीतलांबर झा, छाया मिश्रा और लालटूना झा को सदस्य बनाया गया.
बैठक में पुष्पलता, अमलेश मिश्र, आशीष कुमार, भोलानंद झा, अरविंद सिंह, आदित्य नाथ और अन्य कई लोग मौजूद रहे.
