मधुबनी जिले में आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को जमीन की कमी के कारण अटकने से रोकने के लिए प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है. जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं के साथ बैठक कर विभागवार भूमि की जरूरत और उपलब्धता की समीक्षा की. बैठक में मधुबनी फर्स्ट पोर्टल पर दर्ज भूमि की मांगों की भी विस्तृत समीक्षा हुई.
स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जमीन पर जोर
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए जरूरी भूमि की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई. जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्रखंड स्तर से जमीन की पहचान कर प्रस्ताव तैयार करने और उसे संबंधित अंचल अधिकारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. स्वास्थ्य केंद्रों के लिए विभिन्न प्रखंडों में जरूरी भूमि की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई.
भूमि चिह्नीकरण और एनओसी समय पर देने का निर्देश
डीएम ने कहा कि विकास योजनाओं के लिए प्रस्तावित जमीन का चिह्नीकरण, सत्यापन, अभिलेखों की जांच और अनापत्ति प्रमाण-पत्र यानी एनओसी जारी करने की प्रक्रिया तय समय-सीमा में पूरी होनी चाहिए. जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी भी विकासात्मक या निर्माण कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए.
चेक पोस्ट और सीएमआर गोदाम के लिए भी मांगी जमीन
बैठक में सीमावर्ती प्रखंडों में चेक पोस्ट बनाने के लिए मद्यनिषेध विभाग की ओर से भूमि की आवश्यकता बताई गई. वहीं राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक ने विभिन्न अनुमंडलों और प्रखंडों में सीएमआर गोदामों के निर्माण के लिए जमीन की जरूरत से अधिकारियों को अवगत कराया. डीएम ने इन मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
विभागों के बीच समन्वय पर विशेष जोर
आनंद शर्मा ने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों के समाधान के लिए केवल एक विभाग की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है. संबंधित विभाग, अंचल कार्यालय और जिला स्तर के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है. सभी अंचल अधिकारियों को विभागों से प्राप्त मांग पर प्राथमिकता के आधार पर सरकारी भूमि चिह्नित करने और एनओसी जारी करने को कहा गया.
लंबित भू-अर्जन मामलों का भी हुआ रिव्यू
बैठक में भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी और संबंधित अंचल अधिकारियों को लंबित मामलों का नियमानुसार जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया. उन्होंने समन्वय के साथ काम में तेजी लाने और प्रगति की नियमित निगरानी करने को कहा.
बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, नगर आयुक्त, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन, सभी अंचल अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे.
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