Madhubani News : राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर स्वास्थ्य कर्मियों को किया जागरूक

सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य कर्मियों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया गया.

By GAJENDRA KUMAR | May 16, 2025 10:32 PM

मधुबनी. सदर अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य कर्मियों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया गया. संबंधित कर्मियों को शपथ दिलायी गयी. राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2025 का थीम “देखें साफ करें, ढ़के. डेंगू हारने के उपाय करें. रखा गया है. सिविल सर्जन ने बताया कि सदर अस्पताल एवं अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, गैर सरकारी संगठनों एवं सहयोगी संस्था के साथ समन्वय स्थापित कर डेंगू के रोकथाम के प्रति जनसमुदाय को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करने का निर्देश दिया. संबंधित प्रतिवेदन 3 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. ताकि राज्य को समय पर प्रतिवेदन भेजा जा सके. सिविल सर्जन ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से डेंगू का प्रभाव काफी बढ़ गया है. मानसून के आरंभ होते ही डेंगू का प्रसार बढ़ जाता है. इसके रोकथाम की गतिविधियों को भी तेज कर दिया गया है. कहा कि डेंगू बीमारी एडीज मच्छर के काटने से होती है. इसमें मरीज के शरीर में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगता है. प्लेटलेट्स बेहद कम हो जाने से मरीज की मौत भी हो जाती है. सीएस ने कहा कि डेंगू का लार्वा 7 दिन या उससे अधिक ठहरे हुए साफ पानी में ही पनपता है. ऐसी स्थिति में लापरवाही बरतने पर डेंगू फैलने की आशंका बढ़ जाती है. डेंगू एक फ्लू बीमारी है, जो डेंगू वायरस के कारण होता है. डेंगू वायरस मच्छर दिन में काटने से फैलता है. सीएस ने कहा कि एडीज मच्छर दिन में काटता है, और स्थिर एवं साफ पानी में पनपता है. तेज बुखार, बदन, सिर एवं जोड़ों में दर्द और आंखों के पीछे दर्द हो तो लोगों को सतर्क हो जाना चाहिए. इसके साथ ही त्वचा पर लाल धब्बे या चकते का निशान, नाक- मसूढ़ों से उल्टी के साथ रक्त स्राव होना डेंगू का लक्षण है. यदि तेज बुखार हो तो तत्काल अस्पताल जाकर इलाज करवाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को पहले डेंगू हो चुका है, तो वैसे लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. डेंगू बुखार की आशंका होने पर सरकारी अस्पताल या फिर चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. मौके पर सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डीएस सिंह, आइडीएसपी इपिडेमियोलॉजिस्ट अनिल चक्रवर्ती, भीबीडी पुरुषोत्तम कुमार, अमर कुमार आदि उपस्थित थे. समय पर कराएं इलाज जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डीएस सिंह ने कहा कि सभी तरह का बुखार डेंगू नहीं होता है. बुखार होने पर लोगों को तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. डेंगू होने की स्थिति में गंभीर मरीजों को ही भर्ती होना पड़ता है. दिन में भी मच्छरदानी का करें उपयोग लोगों को दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करना चाहिए. इसके साथ-साथ मच्छर भगाने वाली क्रीम या दवा का प्रयोग दिन में भी करें. पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें. घर के सभी कमरों को साफ- सुथरा रखें. टूटे-फूटे बर्तनों, कूलर, एसी एवं फ्रीज में पानी जमा नहीं होने दें. घर के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें.

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