Gastroenteritis in Children: मौसम में बदलाव के साथ छोटे बच्चों में उल्टी और पतले दस्त (गैस्ट्रोएन्टराइटिस) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. शिशु रोग विशेषज्ञ एमडी डॉ. आर.के. झा का कहना है कि समय पर उपचार नहीं मिलने पर शरीर में पानी और आवश्यक लवण की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है, जो छोटे बच्चों के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है. ऐसे में समय पर ओआरएस, जिंक और चिकित्सकीय सलाह बच्चों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
गैस्ट्रोएन्टराइटिस क्या है?
डॉ. झा बताते हैं कि गैस्ट्रोएन्टराइटिस पेट और आंतों का संक्रमण है, जो अधिकतर वायरस, बैक्टीरिया या दूषित भोजन एवं पानी के कारण होता है. इसकी शुरुआत आमतौर पर उल्टी से होती है, जिसके बाद बार-बार पतले दस्त शुरू हो जाते हैं. कुछ बच्चों में बुखार, पेट दर्द और कमजोरी भी हो सकती है.
सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन
बार-बार उल्टी और दस्त होने से शरीर से पानी और सोडियम, पोटैशियम जैसे जरूरी लवण तेजी से बाहर निकल जाते हैं. यदि समय पर इसकी भरपाई नहीं की जाए तो बच्चा सुस्त पड़ सकता है, पेशाब कम होने लगता है और स्थिति गंभीर हो सकती है.
ORS है सबसे बड़ा जीवनरक्षक
डॉ. आर.के. झा ने कहा कि यदि बच्चा ओआरएस पी सकता है तो हर दस्त या उल्टी के बाद थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ओआरएस देते रहना चाहिए. ओआरएस शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करता है तथा डिहाइड्रेशन से बचाता है.
उन्होंने यह भी बताया कि जिंक की दवा डॉक्टर की सलाह के अनुसार 14 दिनों तक देने से दस्त की अवधि कम होती है और दोबारा दस्त होने का खतरा भी घटता है.
स्तनपान बिल्कुल बंद न करें
विशेषज्ञ ने कहा कि यदि बच्चा मां का दूध पीता है तो बीमारी के दौरान भी स्तनपान जारी रखना चाहिए. मां का दूध पोषण देने के साथ-साथ संक्रमण से लड़ने में भी मदद करता है और बच्चे के जल्दी स्वस्थ होने में सहायक होता है.
क्या खिलाएं और क्या नहीं?
डॉ. झा ने अभिभावकों को सलाह दी कि बीमारी के दौरान बच्चे को पर्याप्त तरल पदार्थ और हल्का, ताजा एवं सुपाच्य भोजन दें.
इन चीजों से बचें:
- खुले में बिकने वाला स्ट्रीट फूड
- पानीपुरी, चाट और कटे हुए फल
- बासी भोजन
- बिना उबाला या असुरक्षित पानी
कब तुरंत अस्पताल ले जाएं?
यदि बच्चे में इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- बार-बार उल्टी होना
- बहुत अधिक पतले दस्त
- पेशाब कम होना
- बच्चा अत्यधिक सुस्त होना
- कुछ भी खाने-पीने से इनकार करना
- आंखें धंस जाना या मुंह सूखना
- मल में खून या बलगम आना
- तेज बुखार के साथ दस्त
एंटीबायोटिक हर बार जरूरी नहीं
डॉ. झा ने बताया कि अधिकांश मामलों में गैस्ट्रोएन्टराइटिस वायरल संक्रमण के कारण होता है, जिसमें एंटीबायोटिक दवा की आवश्यकता नहीं होती. बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा देना नुकसानदायक हो सकता है.
बचाव के आसान उपाय
- खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं.
- बच्चों को हमेशा उबला या सुरक्षित पानी पिलाएं.
- भोजन ताजा और स्वच्छ रखें.
- बोतल, चम्मच और फीडिंग उपकरण साफ रखें.
- बच्चों को खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थों से दूर रखें.
