Madhubani News : अस्पताल से डिस्चार्ज मरीजों का किया जा रहा फॉलोअप

सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज के साथ अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद फॉलोअप कर फीडबैक लिया जा रहा है.

मधुबनी.

सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज के साथ अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद फॉलोअप कर फीडबैक लिया जा रहा है. मरीजों से मिले फीडबैक से प्रतिदिन शाम में सिविल सर्जन को अवगत कराया जा रहा है. मरीजों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर सिविल सर्जन द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिया जा रहा है. विदित हो कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय सुविधा के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस योजना की शुरुआत एक साल पूर्व की गई थी. इसके लिए जीएनएम पुनम कुमारी की प्रतिनियुक्ति की गयी. जीएनएम से मिली जानकारी अनुसार विगत एक साल में 20 हजार से अधिक मरीजों का फॉलोअप किया गया है.

जीएनएम ने कहा कि सदर अस्पताल के एसएनसीयू, फीमेल वार्ड, मेल मेडिकल वार्ड, मेल सर्जिकल वार्ड, चाइल्ड वार्ड, आई वार्ड एवं लेवर रुम से डिस्चार्ज मरीजों का फॉलोअप के साथ उन्हें आवश्यक जानकारी दी जाती है. सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र कुमार ने कहा कि अस्पताल में एसएनसीयू, स्त्री एवं प्रसूति रोग, पुरुष वार्ड, महिला वार्ड, ऑर्थो वार्ड सहित अन्य वार्डो से डिस्चार्ज होने वाले सभी मरीजों का सदर अस्पताल द्वारा फीडबैक लिया जा रहा है. इसके लिए सदर अस्पताल के अस्पताल प्रबंधक कार्यालय के समीप एक कक्ष बनाया गया है. इसमें जीएनएम पूनम कुमारी को प्रतिनियुक्त किया गया है. इस अभियान की शुरुआत गत वर्ष किया गया था. बीते एक वर्ष में लगभग 20 हजार से अधिक मरीजों का फीड बैक जीएनएम द्वारा ली गई है.

स्वास्थ्य सुविधाओं के गुणवत्ता में और होगा सुधार

सीएस ने कहा कि स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढ़ीकरण के तहत इस योजना की शुरुआत की गई थी. इस योजना के जरिए खास तौर से उन क्षेत्रों और जोखिम वाले समूहों को लाभ मिलेगा, जिसके पास स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच नहीं है. इसके अलावा स्वास्थ्य तंत्र द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा. यह कार्यक्रम स्वास्थ्य सुविधाओं के गुणवत्ता प्रमाणन को सक्षम करेगा.

सोमवार से शनिवार तक काम करेगा कक्ष

सीएस ने कहा कि प्रतिनियुक्त जीएनएम द्वारा मरीजों से फीडबैक सोमवार से शनिवार तक लिया जाता है. सुबह 10 बजे के बाद मरीजों का फॉलोअप शुरू किया जाता है. डिस्चार्ज होने वाले सौ फीसदी मरीजों का फोन के माध्यम से फॉलोअप किया जा रहा है. एक जीएनएम की प्रतिनियुक्त है, दो और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी. मरीजों का फॉलोअप के दौरान अगर किसी मरीजों के द्वारा समस्या की जानकारी दी जाती है, तो वैसे मरीजों को सदर अस्पताल बुलाकर पुनः चिकित्सीय परामर्श दिया जा रहा है. 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले बुजुर्ग तथा प्रसव के बाद 42 दिनों तक गर्भवती महिलाओं को किसी तरह की समस्या होने पर अस्पताल आने तथा अस्पताल से जाने के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब तक मरीज पूर्णतः संतुष्ट नहीं होगा तब तक प्राथमिकता के आधार पर नियमित रूप से दूरभाष के माध्यम से फॉलोअप किया जाएगा.

गर्भवती माताओं की जा रही विशेष निगरानी

सिविल सर्जन ने कहा कि इस योजना के तहत गर्भवती माताओं को तीसरे माह से ही निगरानी शुरू कर दी जाती है. इसके साथ ही सातवें, आठवें एवं नौवें माह में एएनसी के दौरान चिकित्सीय परामर्श के साथ-साथ फोन के माध्यम से गर्भवती को आवश्यकतानुसार परामर्श दिया जा रहा है. जिसमें रहन-सहन, साफ-सफाई, खान-पान, गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जा रही है. संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए गर्भवती महिलाओं को सदर अस्पताल में ही प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इससे न सिर्फ सुरक्षित प्रसव होगा, बल्कि शिशु-मृत्यु दर पर विराम लगेगा. इसके साथ ही जच्चा-बच्चा दोनों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: GAJENDRA KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >