मधुबनी के खजौली से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट
Madhubani News: राज्य सरकार के निर्देश पर गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खजौली में फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज (एफसीएम) इंजेक्शन थेरेपी अभियान की शुरुआत की गई. अभियान के पहले दिन तीन गंभीर एनीमिक गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन दिया गया.
तीनों महिलाएं एएनसी जांच के लिए सीएचसी खजौली पहुंची थीं, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद उन्हें यह थेरेपी दी गई.
एनीमिया से निपटने की विशेष पहल
जानकारी के अनुसार राज्यस्तरीय अभियान की शुरुआत 26 मार्च को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा की गई थी. राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार बिहार में 63 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जो राष्ट्रीय औसत 52 प्रतिशत से अधिक है.
इसी को ध्यान में रखते हुए गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं के लिए यह विशेष एफसीएम थेरेपी अभियान शुरू किया गया है.
स्वास्थ्य केंद्र में की गई विशेष व्यवस्था
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्योतींद्र नारायण की देखरेख में महिलाओं को इंजेक्शन लगाया गया. विभागीय गाइडलाइन के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र में तीन बेड, आइवी स्टैंड और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की व्यवस्था की गई थी.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने और वापस पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सुविधा भी उपलब्ध कराई गई.
क्या है एफसीएम थेरेपी
चिकित्सकों ने बताया कि एफसीएम इंजेक्शन उन महिलाओं को दिया जाता है, जिनका हीमोग्लोबिन स्तर काफी कम होता है और जिन्हें ओरल आयरन दवाओं से पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता है.
इस पहल का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की गंभीरता को कम कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है.
इस दौरान जीएनएम शबनम सिन्हा, प्रसव कक्ष प्रभारी सुशीला कुमारी, इमरजेंसी इंचार्ज रानी कुमारी, एएनएम धर्मशिला देवी, बीएचएम अर्चना भट्ट, बीएमई राजन प्रसाद रजत, फार्मासिस्ट उमेंद्र कुमार पाजी, बबलू कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.
