Madhubani News : 11 जुलाई से शुरू होगा परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा

विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाएगा. यह वैश्विक जनसंख्या और उससे जुड़ी चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित दिन है.

मधुबनी.

विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाएगा. यह वैश्विक जनसंख्या और उससे जुड़ी चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित दिन है. परिवार नियोजन के प्रति आमजन में जागरूकता लाने के लिए जिले में दंपति संपर्क पखवाड़ा का आयोजन होगा. यह अभियान 10 जुलाई तक संचालित किया जाएगा.

परिवार नियोजन पखवाड़ा का इस वर्ष ” विश्व जनसंख्या दिवस 2025 का विषय है – युवाओं को एक निष्पक्ष और आशाजनक दुनिया में अपने मनचाहे परिवार की रचना करने के लिए सशक्त बनाना. इसका मतलब है कि युवाओं को अपने भविष्य के बारे में सूचित निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाना. इसमें यह शामिल है कि वे कब परिवार शुरू करना चाहते हैं. उनके कितने बच्चे होंगे. स्वस्थ और खुशहाल जीवन कैसे जी सकते हैं. प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं का प्रावधान न केवल अनचाहे गर्भधारण को रोकने के लिए बल्कि मातृ और शिशु स्वास्थ्य कल्याण में भी महत्व रखता है. इसलिए विश्व जनसंख्या दिवस पर इस प्रतिकूल परिदृश्य में पूरे माह जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा को जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक चलाया जा रहा है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि सीमित परिवार हर मायने में खुशहाली का प्रतीक होता है. छोटे परिवार में ही बच्चों की बेहतर परवरिश संभव होती है. इसलिए विश्व जनसंख्या दिवस के माध्यम से आम लोगों को नियोजित परिवार के विषय में संकल्पित होने की जरूरत है.

31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा का होगा आयोजन

जिले में 11 से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा. इसके तहत पंजीकृत दंपत्ति को परिवार नियोजन का स्थाई एवं अस्थाई साधन उपलब्ध कराया जाएगा. इस दौरान जिला स्तर से लेकर सामुदायिक स्तर तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे. स्वस्थ परिवार के लिए परिवार नियोजन के उपाय कारगर हैं. इसके लिए परिवार नियोजन के किसी भी विधि को अपनाया जा सकता है. स्वस्थ जच्चा एवं बच्चा के लिए लड़की की शादी 18 साल बाद एवं लड़के की शादी 21 वर्ष के बाद ही करनी चाहिए. 20 साल के बाद ही महिला का गर्भधारण सुरक्षित होता है.

परिवार नियोजन के यह है उपाय

महिला एवं पुरुष नसबंदी परिवार नियोजन का एक स्थाई साधन है. पुरुष नसबंदी महिला बंध्याकरण से अधिक सरल है. इसे मात्र 15 मिनट में दक्ष चिकित्सक बिना चिड़-फाड़ के करते है. इसमें 1 घंटा बाद लाभार्थी डिस्चार्ज कर दिया जाता है. यह विधि कभी भी अपनाई जा सकती है. इससे कमजोरी नहीं होती है. कॉपर-टी एक अस्थाई विधि है. इससे बच्चों के जन्म में अंतर रखा जा सकता है. कॉपर- टी विधि 10 वर्षों एवं 5 वर्षों के लिए अपनाई जा सकती है. कॉपर-टी निकलवाने के बाद प्रजनन क्षमता तुरंत वापस आ जाती है. गर्भनिरोधक गोली माला-एन एक सुरक्षित हार्मोनल गोली है. महिला को एक गोली प्रतिदिन लेनी होती है. माहवारी शुरू होने के 5 वें दिन से गोली की शुरुआत करनी चाहिए. स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रसव के 6 माह तक इस गोली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अंतरा एवं छाया दोनों परिवार नियोजन के नवीन अस्थाई विधि है. अंतरा एक सूई है जो तीन माह तक प्रभावी रहता है. लंबे समय तक सुरक्षा के लिए हर तीन महीने में सूई लगवानी होती है. जबकि छाया एक गोली है जिसे सप्ताह में एक बार तीन महीने तक फिर सप्ताह में केवल एक बार जब तक बच्चा न चाहें.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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