Madhubani News : मधुबनी. वरिष्ठ साहित्यकारों के निधन पर आरके कॉलेज हिंदी विभाग मं शोक सभा की गयी. वक्ताओं ने कहा कि वरिष्ठ आलोचक और वरिष्ठ कवि तथा हिंदी विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र कुमार जी का गुरुवार को लगभग 84 वर्ष की आयु में हृदयगति रुकने से निधन हो गया. उन्होंने अभिप्राय नामक साहित्यिक पत्रिका निकाली थी और बहुवचन पत्रिका के आठ अंकों का संपादन किया था. उनके निधन से हिंदी जगत की अपूरणीय क्षति हुई है. सत्य, न्याय और विचार की स्पष्ट आवाज रहे हिंदी आलोचना के प्रतिष्ठित हस्ताक्षर वीरेंद्र यादव का दिनांक शुक्रवार को दिवंगत होना भी साहित्य-जगत के लिए अत्यंत पीड़ादायक है. उनकी निर्भीक लेखनी, जनपक्षधर दृष्टि और स्पष्ट विचारधारा हिंदी आलोचना की एक विशिष्ट धारा का निर्माण करती है, जो भविष्य में भी प्रेरणा देती रहेगी. वहीं 8 जनवरी को वरिष्ठ कथाकार और पहल पत्रिका के यशस्वी संपादक ज्ञानरंजन तथा 23 दिसंबर को वरिष्ठ कथाकार एवं कवि विनोद कुमार शुक्ल का भी निधन हो गया था. उनकी स्मृतियों को भी नमन किया गया. हिंदी-विभाग, रामकृष्ण महाविद्यालय के समस्त शिक्षकों समेत विभाग के छात्र-छात्राओं ने साहित्यकारों को पूर्ण सम्मान के साथ स्मरण करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का उल्लेख किया तथा शोक-संतप्त परिवारों तथा सहयोगियों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की .
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