झंझारपुर. अयोध्या में आयोजित इंटरनेशनल वैदिक एस्ट्रोलॉजी फेडरेशन के ज्योतिषीय आध्यात्मिक सम्मेलन में बिहार के प्रख्यात ज्योतिषी एवं ज्योतिर्वेद विज्ञान संस्थान पटना के निदेशक डॉ. राजनाथ झा को विशिष्ट ज्योतिषीय योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड एवं ‘अयोध्या गौरव’ सम्मान से सम्मानित किया गया. इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश-विदेश के अनेक विद्वान, शोधकर्ता एवं ज्योतिषी उपस्थित थे. डॉ. राजनाथ झा ने ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से रोग विमर्श एवं रोगों के ज्योतिषीय कारणों पर अपने विचार प्रस्तुत किए. उन्होंने कहा कि वैदिक ज्योतिष केवल भविष्यवाणी का माध्यम नहीं, बल्कि यह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलन एवं स्वास्थ्य रक्षा का मार्गदर्शक भी है. अपने शोधपत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि जन्म कुंडली में विभिन्न ग्रहों की स्थिति, दशाएं और योग किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालते हैं. बताया कि शनि और राहु का असंतुलित प्रभाव तंत्रिका तंत्र से संबंधित विकार उत्पन्न कर सकता है, वहीं मंगल का अशुभ प्रभाव रक्त संबंधी रोगों को जन्म दे सकता है. उन्होंने ग्रह दोषों के निवारण हेतु उपायों पर भी चर्चा की. जिसमें मंत्र, यंत्र, रत्न और यज्ञोपचार सम्मिलित हैं. उनकी लिखी कई पुस्तकें और शोधपत्र विद्वानों द्वारा सराही गई हैं. सम्मेलन के आयोजकों ने डॉ. राजनाथ झा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है. उन्होंने भारतीय ज्योतिष को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत कर इसे आधुनिक युग में अधिक प्रासंगिक बनाया है. ज्योतिष को एक अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक गहन विज्ञान के रूप में देखने की आवश्यकता है.
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