झंझारपुर. जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा बुधवार को रैयाम पंचायत स्थित रतनसैर तालाब पहुंचे, जहां मखाना की खेती स्थल का निरीक्षण किया. सामने में मखाना की गुड़ी किसानों से निकवाया. साथ ही किसानों से बातचीत करते हुए मखाना से लावा बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली. डीएम से कहा कि बिहार वैश्विक मखाना उत्पादन का 90 प्रतिशत हिस्सा देता है. डीएम ने मखाना बोर्ड के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सब्सिडी व प्रशिक्षण की व्यवस्था का आश्वासन दिया. किसानों ने खेती की पूरी प्रक्रिया जिला पदाधिकारी से साझा की. बताया दिसंबर-जनवरी में बीज बोना, फरवरी-मार्च में रोपाई और जुलाई-अक्तूबर एवं सितंबर माह में कटाई शामिल है. डीएम ने तालाब एवं गहरे खेत में मखाना उत्पादन की जानकारी प्रगतिशील किसान महेश्वर ठाकुर एवं रतनसैर को पट्टा पर लिए किसान नारायण जी मुखिया एवं मखाना किसान कुलिंदर मुखिया से ली. साथ ही तालाब से निकालने वाले मजदूर व किसान रामजी मुखिया, रामरूप मुखिया, शोभी मुखिया, सूटकून मुखिया से गुड़ी तालाब से निकाले जाने की विधि की भी जानकारी ली. डीएम ने इन लोगों से कहा मखाना किसानों की आय बढ़ाने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. किसान नवीन कुमार झा, कुलीदार मुखिया, श्याम सुंदर मिश्र आदि ने कहा कि जिला पदाधिकारी के दौरे और बोर्ड की घोषणा से उम्मीद जगी है कि उचित दाम मिलने से मेहनत रंग लायेगी. मखाने की खेती के लिए चिकनी दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. इसकी खेती जलाशयों तालाबों और निचली भूमि जहां एक फिट तक गहरा पानी जमा हो वहां अच्छी तरह से की जा सकती है. रैयाम गांव के प्रगतिशील किसान महेश्वर ठाकुर ने कहा कि मणिसैर तालाब का भी निरीक्षण करना था. साथ ही उनके आवास कार्यक्रम में भी शामिल होना था. अगले दिन आने का आश्वाशन दिया है.
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