Madhubani News : एलिसा रीडर मशीन से होगी डेंगू की जांच

बरसात का मौसम शुरू होते ही डेंगू बीमारी बढ़ जाती है. डेंगू का मच्छर साफ व स्थिर पानी में पनपता है.

मधुबनी.

बरसात का मौसम शुरू होते ही डेंगू बीमारी बढ़ जाती है. डेंगू का मच्छर साफ व स्थिर पानी में पनपता है. डेंगू चिकनगुनिया से प्रभावित मरीजों के बचाव व चिह्नित मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है. सोमवार को डीवीबीडीसीओ डॉ. डीएस सिंह ने ब्लड बैंक में डेंगू टेस्ट के लिए रखी एलिसा रीडर मशीन की जांच कर संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिया. मशीन को क्रियाशील अवस्था में रखा गया है.

उन्होंने बताया कि डेंगू गंभीर बीमारी के तौर पर उभरा है. हर साल इस घातक बीमारी की वजह से लाखों मरीजों की जान जाती है. पिछले कुछ वर्षों से डेंगू का प्रभाव काफी बढ़ गया है. डेंगू व चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए संबंधित गतिविधियों भी तेज कर दी गयी है, जो ट्रांसमिशन सेशन खत्म होने तक जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है. इसमें मरीज के शरीर में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगता है. प्लेटलेट्स बेहद कम हो जाने से मरीज की मौत हो जाती है. उन्होंने कहा कि डेंगू का लार्वा 7 दिन या इससे अधिक समय तक ठहरे हुए साफ पानी में पनपता है. ऐसी स्थिति में लापरवाही बरतने पर डेंगू फैलने की आशंका बढ़ जाती है. डेंगू मच्छर दिन में काटने से फैलता है.

एडीज मच्छर के काटने से होता है डेंगू

तेज बुखार, बदन, सिर एवं जोड़ों में दर्द और आंखों के पीछे दर्द हो तो सतर्क हो जाना चाहिए. इसके साथ ही त्वचा पर लाल धब्बे या चकते का निशान, नाक- मसूढ़ों से उल्टी के साथ रक्त स्राव होना एवं काला पखाना होना डेंगू का लक्षण है. इन लक्षणों के साथ यदि तेज बुखार हो तो तत्काल अस्पताल जाकर इलाज करवाना चाहिए. यदि किसी व्यक्ति को पहले डेंगू हो चुका है, वैसे लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. ऐसे व्यक्ति को दोबारा डेंगू बुखार की आशंका होने पर सरकारी अस्पताल या फिर चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए.

समय पर इलाज कराने पर मरीज हो सकता स्वस्थ्य

सभी तरह का बुखार डेंगू नहीं होता है. किसी भी तरह का बुखार होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. चिकित्सक द्वारा जांच के बाद सलाह के अनुसार अपना इलाज करवाना चाहिए. डेंगू होने की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती है. सिर्फ गंभीर मरीजों को ही भर्ती होना पड़ता है. समय पर इलाज कराने पर मरीज पूरी तरह से स्वस्थ हो सकता है.

डेंगू से बचाव के उपाय

एडीज के मच्छर साफ स्थिर पानी में पनपते हैं, कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रीज की ट्रे, फूलदान इत्यादि को प्रति सप्ताह खाली करें एवं धूप में सूखाकर प्रयोग करें. घरों के दरवाजे व खिड़कियों में जाली के परदे लगाएं.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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