कन्हौली स्थित निजी अस्पताल के सामने लाश के साथ हंगामा

नगर परिषद के कन्हौली स्थित निजी नर्सिंग होम के सामने मंगलवार दोपहर बाद मृत महिला के लाश के साथ कुछ लोग हंगामा करने लगे.

झंझारपुर . नगर परिषद के कन्हौली स्थित निजी नर्सिंग होम के सामने मंगलवार दोपहर बाद मृत महिला के लाश के साथ कुछ लोग हंगामा करने लगे. हंगामा के कारण कुछ देर अफरातफरी मची रही. जिस अस्पताल के सामने सड़क पर हंगामा कर रहे थे उस अस्पताल में ताला लगा हुआ था. कोई भी कर्मी वहां मौजूद नहीं थे. स्थानीय बुद्धिजीवी एवं जनप्रतिनिधियों के पहुंचने से हंगामा कर रहे लोग शांत हुए. एंबुलेंस में लदे लाश को लेकर अपने घर चले गए. मृत महिला के भाई मोहम्मद शकरुल्ला ने बताया कि उनकी 27 वर्षीय बहन सबरुन खातून की मौत हुई है. 19 फरवरी को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए कन्हौली स्थित एक नर्सिंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया था. अस्पताल के डॉक्टरों ने इसका ऑपरेशन किया और 24 फरवरी को अचानक पेट फूलने लगा तो अस्पताल के लोगों ने उसे सकरी के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया. जहां मंगलवार दोपहर में महिला की मौत हो गई. वहां के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चेदानी के ऑपरेशन में आत कट गई थी. जिसके कारण कुछ खाने के बाद पेट फुला था. मौत की जानकारी झंझारपुर में होते ही कन्हौली के अस्पताल के कर्मी अपने अस्पताल में ताला बंद कर फरार हो गए. हंगामे की सूचना पाकर स्थानीय वार्ड पार्षद और अन्य समाज सेवी, बुद्धिजीवी लोगों पहुंच कर अनाथ हो गए बच्चों के परवरिश के लिए कुछ सार्थक उपाय किए जाने की बात की. मृत महिला के मां जमीला खातून और उसके भाई मोहम्मद शकरुल्लाह ने बताया कि उन लोगों को कोई केस नहीं करना है. डॉक्टर ने तो 13000 रुपया लेने के बाद भी गलत ऑपरेशन कर मार दिया. हम लोग गरीब हैं,केस से कोई फायदा नहीं होगा. तीन बच्चे हुए अनाथ मृत महिला स्वर्गीय सरवर मंसूरी की पुत्री सबरुन खातून की शादी लगभग 11 वर्ष पूर्व लौकहा ठाढ़ी स्थित घरमोहना गांव निवासी लाल बाबू के साथ हुई थी. लाल बाबू कुछ समय बाद इसे छोड़कर दूसरी शादी कर ली. बेसहारा सबरुन खातून अपने नैहर झंझारपुर के कन्हौली में आकर रहने लगी. उनके तीन बच्चे हैं. 10 साल का गुलाब, 5 साल का दिलशाद और 3 वर्ष का अली राजा. तीनों बच्चों के पिता तो पहले छोड़ चुके हैं. मां आज मर गई. इनके परवरिश की सभी जवाब देही उनके मामा और नानी पर आ गई है. लोग इसी को लेकर हैरान परेशान थे और बच्चों की परवरिश के लिए कुछ सार्थक व्यवस्था करने का अंत अंत तक प्रयास कर रहे थे. समाचार प्रेषण तक अस्पताल के कोई कर्मी ना तो अस्पताल तक पहुंचे थे और ना ही अस्पताल से संबंधित किसी जवाब देह ने मोबाइल ही उठाया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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