मधुबनी.
जिला कालाजार उन्मूलन निर्धारित लक्ष्य प्राप्त कर लिया है. उन्मूलन के लक्ष्य को बरकरार रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में कालाजार रोगियों की पहचान के लिए घर-घर खोजी अभियान चलाया जाएगा. अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर कालाजार वीएल, एचआईवी वीएल एवं टीकेडीएल के संभावित रोगियों की करेंगी. इस संबंध में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिन्हा ने पत्र जारी कर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को निर्देश दिया है. कालाजार प्रभावित जिलों में वर्ष 2021, 2022, 2023, 2024 एवं नवंबर 2025 तक प्रतिवेदित कालाजार मरीजों के घर के 500 मीटर के परिधि में 200 से 250 घरों में घर-घर कालाजार रोगी खोज अभियान दिसंबर माह के तीसरे सप्ताह में चलाया जाएगा.आशा कार्यकर्ताओं का किया जाएगा क्षमतावर्द्धन
अभियान को सफल बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा. इसके लिए पिरामल संस्था के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. प्रशिक्षण में कालाजार के लक्षणों की पहचान, मरीजों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया तथा जांच एवं उपचार से संबंधित प्रोटोकॉल पर विशेष जानकारी दी जाएगी. प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र की लगभग 1000 की जनसंख्या अथवा 250 घरों में संभावित मरीजों की खोज का कार्य सौंपा जाएगा. इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार किया जाएगा, इसमें कार्यक्षेत्र, लक्षित घरों की संख्या, फॉलोअप तिथि और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाएगा.
अभियान का उद्देश्य और अपेक्षित परिणाम
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस खोजी अभियान का मुख्य उद्देश्य कालाजार संक्रमण के किसी भी संभावित नए मामले की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है. ताकि पुनः संक्रमण के खतरे को न्यूनतम किया जा सके. विभाग का मानना है कि यह कदम राज्य में कालाजार उन्मूलन की दिशा में सतत निगरानी और नियंत्रण को मजबूत करेगा.
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