Madhubani News : एनीमिया प्रभावित गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा ब्लड बैंक

संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकार तमाम सुविधाएं सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध करा रही है, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके.

मधुबनी.

संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सरकार तमाम सुविधाएं सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध करा रही है, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके. वर्तमान में सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक प्रसूता के लिए वरदान साबित हो रहा है. प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने पर प्रसूता को ब्लड बैंक की ओर से बिना डोनर नि:शुल्क ब्लड उपलब्ध कराया जाता है.

प्रसव कक्ष से प्राप्त आंकड़ों की बात करें तो अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक प्रत्येक माह औसतन 35-40 यूनिट ब्लड प्रसव कक्ष को उपल्ब्ध कराया गया है. इसके तहत एक वर्ष में प्रसूताओं को 450 यूनिट निशुल्क ब्लड उपलब्ध कराया गया है. प्रसव कक्ष की प्रभारी स्टाफ नर्स माधुरी कुमारी ने कहा कि अप्रैल 2022 से मई 2023 तक सदर अस्पताल में 6 हजार 172 गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराया गया. इसमें सामान्य प्रसव 4 हजार 994 एवं 1 हजार 178 सिजेरियन प्रसव कराया गया है. विदित हो कि सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव के साथ-साथ प्रसव पूर्व जांच, अल्ट्रासाउंड सहित उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की जांच कर उसका नि: शुल्क समाधान कराया जाता है. सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान उत्पन्न जटिलताओं के तहत सी सेक्शन प्रसव की भी व्यवस्था की गई है. इसमें प्रसव कराने वाली गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन किट नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि संस्थागत प्रसव, अस्पताल में प्रशिक्षित और सक्षम स्वास्थ्य कर्मी की देख-रेख में करायी जाती है. अस्पताल में मातृ एवं शिशु सुरक्षा के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध है. आमजनों में संस्थागत प्रसव के प्रति आई जागरूकता के कारण घरों में होने वाले प्रसव दर भी घटा है.

संस्थागत प्रसव को दें प्राथमिकता

सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कराने के लिए सुरक्षा के मद्देनजर किसी प्रकार का संकोच नहीं करें. संस्थागत प्रसव को ही प्राथमिकता दें. इससे न सिर्फ सुरक्षित और सामान्य प्रसव को बढ़ावा मिलेगा बल्कि, मातृ-शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी. दरअसल, हर महिला सामान्य और सुरक्षित प्रसव चाहती है. अस्पताल में प्रशिक्षण प्राप्त योग्य ए ग्रेड एवं चिकित्सकों की मौजूदगी में प्रसव कराया जाता है.

सुरक्षित मातृत्व के लिए प्रसव पूर्व जांच जरूरी

ब्लड बैंक के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. के कौशल ने बताया कि शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए बेहतर प्रसव एवं उचित स्वास्थ्य प्रबंधन जरूरी है. प्रसव पूर्व जांच से ही गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की सही जानकारी मिलती है. गर्भावस्था में बेहतर शिशु विकास एवं प्रसव के दौरान होने वाले रक्तस्राव के प्रबंधन के लिए महिलाओं में पर्याप्त मात्रा में खून होना आवश्यक होता है. एनीमिया प्रबंधन के लिए प्रसव पूर्व जांच के प्रति महिलाओं की जागरूकता न सिर्फ एनीमिया रोकथाम में सहायक होता है. प्रसव पूर्व जांच की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है.

450 यूनिट ब्लड निशुल्क कराया जाता है उपलब्ध

ब्लड बैंक के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुणाल कौशल ने कहा कि ब्लड बैंक में वर्ष 2024-25 में 4836 यूनिट ब्लड संग्रहित किया गया. इसमें सदर अस्पताल सहित सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को 1632 यूनिट ब्लड दिया गया. निजी संस्थानों को 2876 यूनिट ब्लड दिया गया. उन्होंने कहा कि सामान्य प्रसव में 500 एमएल, सिजेरियन प्रसव में 1000 एमएल एवं ट्रामा में 1500 एमएल से कम ब्लड होने पर ब्लड बैंक द्वारा निशुल्क ब्लड उपलब्ध कराया जाता है. एक वर्ष में थैलिसिमिया मरीजों को 552 यूनिट नि: शुल्क ब्लड दिया गया है. प्रसव कक्ष इंचार्ज ए ग्रेड माधुरी कुमारी ने कहा कि प्रसव काल में अत्यधिक रक्तस्राव हो जाने पर सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक द्वारा निशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है. इसमें अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक 450 यूनिट ब्लड ट्रांसफ्यूजन प्रसूता को दिया गया.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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