मधुबनी: भाकपा माले की भौआड़ा पार्टी शाखा के बैनर तले छह सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने रहिका अंचल के भौआड़ा में महादलित परिवारों की पर्चाधारी जमीन पर कथित रूप से कराये जा रहे निर्माण कार्य पर रोक लगाने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की. साथ ही भूमि संबंधी मामलों की जांच कराने सहित अन्य मांगें भी उठायी गयीं.
महादलितों की जमीन पर निर्माण रोकने की मांग
वक्ताओं ने कहा कि रहिका अंचल के भौआड़ा में सड़क से सटे पूरब महादलित मुसहर परिवारों की पर्चाधारी जमीन पर दबंगों द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है. उन्होंने निर्माण पर तत्काल रोक लगाने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अंचल अधिकारी, रहिका और प्रशासन की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का भूमि घोटाला हुआ है. उन्होंने इस मामले की जांच किसी अवकाशप्राप्त जिला न्यायाधीश से कराने की मांग की.
पर्चाधारी जमीन के दाखिल-खारिज को निरस्त करने की मांग
भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने महादलितों की पर्चाधारी जमीन के कथित अवैध केवाला के आधार पर दायर दाखिल-खारिज को निरस्त करने की मांग की. साथ ही पर्चाधारी जमीन को संरक्षित करने और पर्चाधारियों को सुरक्षा देने की मांग उठायी.
धरनार्थियों ने बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, पटना के निर्देश को लागू कराने की भी मांग की. इसके अलावा भौआड़ा में पिछले 35-40 वर्षों से बसे भूमिहीन दलित और गरीब परिवारों को पर्चा देने की मांग की गयी.
सरकार पर लगाया महादलितों की जमीन सुरक्षित नहीं रखने का आरोप
धरना का नेतृत्व बिशंभर कामत ने किया. भाकपा माले के जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण ने कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकार में महादलित पर्चाधारियों की जमीन और पर्चाधारी भी सुरक्षित नहीं रह गये हैं.
धरना को भाकपा माले बिहार राज्य कमेटी सदस्य श्याम पंडित, उत्तीम पासवान, बिशंभर कामत, सज्जन सदाय, वीरेंद्र कुमार पासवान, मोहम्मद इमरान, अरविंद पासवान और बिहारी सदाय समेत कई लोगों ने संबोधित किया.
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