झंझारपुर: अरवल सिविल सर्जन से मारपीट के विरोध में ओपीडी ठप, बिना इलाज लौटे मरीज

झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल में ओपीडी पूरी तरह बंद रहा, जिससे दूर-दराज से आए दर्जनों मरीजों को इलाज के बिना लौटना पड़ा. डॉक्टरों ने सिविल सर्जन पर हुई मारपीट के विरोध में यह कदम उठाया है, हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं.

Jhanjharpur OPD Strike: अरवल में सिविल सर्जन के साथ हुई मारपीट के विरोध में बुधवार को झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल का ओपीडी पूरी तरह बंद रहा. ओपीडी बंद रहने से दूर-दराज से इलाज कराने आए दर्जनों मरीजों को भारी निराशा का सामना करना पड़ा. सुबह से अस्पताल पहुंचे मरीज और उनके परिजन बिना इलाज कराए ही वापस लौटने को मजबूर हो गए.

प्राइवेट नर्सिंग होम जाने को मजबूर हुए दूर-दराज से आए मरीज

अंधराठाढ़ी के महरैल सिसौनी की सोनी देवी, लखनौर की सुधरा देवी और नासरा खातून ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि टेंपो का भाड़ा व्यर्थ चला गया. अब मजबूरी में महंगे प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज कराना पड़ेगा. इलाज न मिलने से आक्रोशित मरीजों और परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई.

इमरजेंसी सेवाएं रहीं चालू, डॉक्टरों ने जताया कड़ा विरोध

ओपीडी ठप रहने के बावजूद अस्पताल की इमरजेंसी सेवा चालू रही, जहां सुबह 10:45 बजे तक 20 मरीजों का इलाज किया गया. इमरजेंसी में डॉ. रमन पासवान, डॉ. शाहिद, डॉ. मधुलिका और डॉ. नंद लाल मुस्तैद रहे. डॉ. शाहिद ने कहा कि डॉक्टर जीवन बचाने का काम करते हैं. उनके साथ मारपीट दरिंदगी है और जब तक न्याय नहीं मिलता, विरोध जारी रहेगा.

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लेखक के बारे में

संजय कुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. झंझारपुर (मधुबनी) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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