भूख लगने व रोने पर वार्ड में बुलाया जाता बच्चे की मां को

मधुबनी : सदर अस्पताल स्थित विशेष नवजात केयर यूनिट में गंभीर रोग से ग्रसित नवजात को सुरक्षित रखने के लिए कारगार उपाय किया गया है. लेकिन, नवजात के माता व परिजनों के ठहरने व इंतजार करने के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. लिहाजा बच्चे के माता सहित उनके परिजनों को यत्र-तत्र खुले आसमान के […]

मधुबनी : सदर अस्पताल स्थित विशेष नवजात केयर यूनिट में गंभीर रोग से ग्रसित नवजात को सुरक्षित रखने के लिए कारगार उपाय किया गया है. लेकिन, नवजात के माता व परिजनों के ठहरने व इंतजार करने के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. लिहाजा बच्चे के माता सहित उनके परिजनों को यत्र-तत्र खुले आसमान के नीचे रहकर अपने बच्चे का इंतजार करना पड़ता है. जब बच्चे को भूख लगती है तो उसके माता को बुलाया जाता है और वो एसएनसीयू में जाकर अपने बच्चे को दूध पिलाती है.

नवकरही निवासी पुनीता देवी की नवजात पुत्री का एसएनसीयू में भर्ती किया गया है. वहीं पुनिता देवी एसएनसीयू के सामने बैठकर इंतजार करते रहती है. ऐसे में मौसम बिगड़ जाने पर परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. एसएनसीयू प्रभारी दीपमाला ए ग्रेड नर्स बताती है कि मातृ शेड के लिए स्वास्थ्य प्रबंधक सहित वरीय पदाधिकारियों को भी सूचना दी गई है.

विदित हो कि गत 27 अप्रैल को शिशु स्वास्थ्य समिति की सलाहकार डा. अनुपमा झा ने भी एसएनसीयू के निरीक्षण क्रम में मातृ शेड बनाने का सुझाव दिया था. ताकि सुरक्षित बच्चे के साथ माता भी सुरक्षित रह सके.

जल्द होगा शेड का निर्माण. सिविल सर्जन डा. अमरनाथ झा बताते है कि एसएनसीयू के निकट मातृ शेड बनाने की आवश्यकता है. जल्द ही शेड का निर्माण कराया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >