सहकारिता व को-ऑपरेटिव बैंक के बीच में पिस रहे पैक्स अध्यक्ष

23 पैक्स अध्यक्षों पर नीलाम पत्र वाद दायर मधुबनी : धान खरीद योजना में बैंक और सहकारिता के लापरवाही का खामियाजा पैक्स अध्यक्षों को भुगतनी पड़ रही है. सहकारिता विभाग ने साल 2014-15 एवं 15 – 16 में धान खरीद में पैक्स द्वारा समय पर ऋण चुकता नहीं कर पाने के कारण 23 पैक्स अध्यक्षों […]

23 पैक्स अध्यक्षों पर नीलाम पत्र वाद दायर

मधुबनी : धान खरीद योजना में बैंक और सहकारिता के लापरवाही का खामियाजा पैक्स अध्यक्षों को भुगतनी पड़ रही है. सहकारिता विभाग ने साल 2014-15 एवं 15 – 16 में धान खरीद में पैक्स द्वारा समय पर ऋण चुकता नहीं कर पाने के कारण 23 पैक्स अध्यक्षों पर निलाम पत्र वाद दायर कर दिया है तो दूसरी ओर पैक्स द्वारा निर्धारित समय पर भुगतान कर नो ड्यूज प्रमाण पत्र भी लिया जा चुका है. पर इसके बाद भी समय पर बैंक द्वारा कथित तौर पर पंजी संधारन नहीं किये जाने के कारण विभाग ने अध्यक्षों के उपर निलाम पत्र वाद दायर कर दिया है.
ऐसा ही एक मामला उदयपुर विठुआर के पैक्स अध्यक्ष के साथ सामने आया है. पैक्स अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके द्वारा दोनों उक्त् वित्तीय वर्ष में समय से राशि का भुगतान कर दिया गया था. पर इसके बाद भी विभाग ने निलाम पत्र वाद दायर कर उनके मान प्रतिष्ठा को धूमिल किया है.
इन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि वे इस साल भी धान खरीद किये हैं. यदि उनके उपर बकाया था तो फिर किस आधार पर विभाग ने धान खरीद की स्वीकृति दी. ऐसे में सहकारिता विभाग और कॉपरेटिव बैंक के कर्मी के लापरवाही के कारण समय से संचिका का संधारन नहीं हो पा रहा है. जिस कारण यह परेशानी हेा रही है.
क्या कहते हैं अधिकारी : इधर जिला सहकारिता पदाधिकारी अजय कुमार भारती ने बताया है कि पैक्स अध्यक्ष अगर अपना बकाया जमा कर दिया तो बैंक का काम है कि वे रजिस्टर नौ से सहकारिता विभाग में जाकर रजिस्टर 10 में मिलानी करवा कर उसे विभाग में पेश करे. उसके बाद ही सहकारिता विभाग द्वारा नीलाम पर हटाया जायेगा. श्री भारती ने बताया कि जब तक कोर्ट से मामला खत्म नहीं होगा. तब तक उसको सहकारिता विभाग से बकाया का रसीद नहीं दिया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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