मधुबनी/अंधराठाढी : जमैला गांव के पच्चीस वर्षीय युवक एनायतुल्लाह हत्याकांड के मुख्य आरोपित आज भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है. घटना के मुख्य आरोपित के घर भले ही मधुबनी पुलिस कुर्की जब्ती कर खानापूरी कर लिए हो. पर पीड़ित परिवार पुलिसिया रबैया से नाखुश हैं. पुलिस के लिए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करना चुनौती बन गया है.
तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी झंझारपुर ने अपने प्रगति प्रतिवेदन में एक बड़ा रहस्योदघाटन किया था कि मृतक के बहनोई बदुज्जमा एवं हसिबुल मंसूरी के अलावे मृतक की सगी बहन हुस्नेआरा उर्फ ललिया, बहन की देवर नूरूजम्मा ,सदरूजमा समेत मो तफजूल को अप्राथमिक अभियुक्त मानते हुए हत्या में संलिप्तता उजागर हुई थी. इसमें से अब तक मात्र एक अभियुक्त हसीबुल मंसूरी न्यायिक हिरासत मंडल कारा मधुबनी में बंद है. मुख्य आरोपित मृतक के बहनोई के घर की कुर्की की कारवाई हो चुकी है. शेष अभियुक्त अब तक फरार है.
क्या है मामला : 16 अप्रैल 2013 को जमैला गांव के हसीबुल मंसूरी अपने भतीजा के शादी में मृतक एनायतुल्लाह को बारात में लेजा रहे थे. जिसे पूर्व प्लानिंग के तहत एनएच 57 पर पिपरोलिया कब्रिस्तान के समीप उसे निर्ममता पूर्वक गला रेत कर हत्या कर दिया गया था. पहले तो हत्यारे द्वारा इस घटना को दुर्घटना का रूप दिया गया.
हसीबुल मंसूरी के बयान पर दुर्घटना की मामला भी दायर किया गया. पर बाद में अनुसंधान के क्रम में सच उजागर हुई. जानकारी के अनुसार एनायतुल्लाह अपने माता पिता के एकलौता लड़का था. करोड़ों के सम्पति के अकेला वारिश. जिसे अपनों ने ही धन के लोभ में मौत के घाट उतार दिया. उनके परिवार में चार छोटे छोटे मासूम बच्चो के अलावे विधवा मां ,पत्नी इंसाफ के लिए दर दर भटक रही है.
