प्रकोप. दो माह में 150 से अधिक लोग बीमारी से ग्रसित
मधुबनी : ठंड के मौसम के जाने व गरमी की शुरुआत होते ही जिले में मिजिल्स व चिकन पाक्स का प्रकोप बढ़ने लगा है. सदर अनुमंडल के जगतपुर पंचायत के मिठौली गांव में छोटे-बच्चे से लेकर वयस्क तक इस बीमारी की चपेट में आने लगे है. आलम यह है कि रहिका प्रखंड के एक गांव में ही करीब चालीस लोग इस बीमारी से ग्रसित हो चुके हैं. हालांकि सदर अस्पताल प्रबंधन ने इस दिशा में बचाव को लेकर दिशा निर्देश जारी करते हुए पहल शुरू कर दी है. सीएस ने बचाव के लिये कर्मियों को टीकाकरण अभियान शुरू करने के निर्देश जारी कर दिये हैं.
जानकारी अनुसार जगतपुर पंचायत के मिठौली गांव के 40 लोग मिजिल्स के प्रभाव से पीड़ित हो चुके हैं. हालांकि पीएससी स्तर से अब तक इसकी कोई भी सूचना जिला स्वास्थ्य कार्यालय तक उस उपलब्ध नहीं कराया जा सका है.
आंगनबाड़ी सेविका सरिता शर्मा द्वारा इसकी सूचना उप स्वास्थ्य केन्द्र मिठौली के एएनएम को भी दिया गया. लेकिन ए एन एम द्वारा इसकी सूचना वरीय पदाधिकारियों को नहीं दिया गया. ग्रामीण उज्जवल कुमार सिंह बताते है कि हमने इसकी सूचना डब्लू एचओ को भी दिया लेकिन अब तक कोई कारवाई नहीं की गयी. श्री सिंह बताते है कि मिजिल्स की चपेट से बीते एक माह पूर्व रामकृष्ण पासवान का छह माह के पुत्र की मौत भी हो चुकी है. जबकि अब तक मिजिल्स से लगभग 100-150 व्यक्ति प्रभावित हो चुके हैं.
मेडिकल टीम रवाना
मिठौली गांव में एक साथ 40 से 50 लोगों के मिजिल्स से ग्रसित होने के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है. सीएस के निर्देश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रहिका के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व जिला सर्वेक्षण पदाधिकारी को गांव में जाकर तत्काल बीमारी से बचाव के लिये पहल करने का निर्देश दिया गया है. सीएस के पहल पर रहिका प्रभारी के नेतृत्व में एक मेडिकल टीम गांव में पहुंचकर प्रभावित लोगों को विटामिन ए की खुराक उपलब्ध करायी. मौकेपर आईडीएसपी के जिला सर्वेक्षण पदाधिकारी डाॅ निशांत कुमार उपस्थित थे.
सीएस के निर्देश पर गांव भेजी गयी मेडिकल टीम
स्वास्थ्य विभाग को जानकारी नहीं
सदर अस्पताल में मिजिल्स, चिकन पाक्स, डेंगू, चिकन गुनिया जैसे बीमारियों से बचाव व लोगों को जानकारी देने के लिए कहने भर को सदर अस्पताल में आईपी – एसपी वार्ड काम कर रहा है. जिसमें उक्त बीमारियों से त्वरित उपचार व सलाह देने का काम होता है. विडंबना है कि शहर मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर स्थित एवं गांव में दर्जनों लोग इस प्रकोप के चपेट में आये है, और स्वास्थ्य महकमा को अब तक इसकी कोई जानकारी नहीं है
