परिचर्चा. शराबबंदी बनी बदलते बिहार का गौरव, प्रदेश में हुआ अभूतपूर्व परिवर्तन, कलह व अपराध में आयी है कमी
मधुबनी : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लगातार तीसरे कार्यकाल में बिहार के विकास का परिदृश्य बदल चुका है. राज्य में हर तरफ विभाग के नये नये आयाम खड़े हुए है. जहां एक तरफ राज्य की सड़कों के निर्माण में अभूतपूर्व प्रगति हुई है. हर गांव को मुख्य सड़क से जोड़ा जा रहा है. वहीं लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत निश्चित अवधि में लोगों का प्रमाण पत्र बन रहा है. गरीबों के उत्थान के लिए नई नई योजनाओं को अमल में लाया जा रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्य में पूर्ण शराबबंदी को राज्य ही नहीं देश स्तर पर सराहा गया है.
इससे घरेलू हिंसा में काफी कमी आयी है. शराब बंदी से सड़क दुर्घटनाओं, आपसी झंझट एवं अपराध की घटनाओं में कमी आयी है. राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों में भी गुणात्मक सुधार हुआ है. बदलते बिहार के परिदृश्य पर प्रभात खबर द्वारा वाट्सन उच्च विद्यालय परिसर में परिचर्चा आयोजित की गयी. इसमें शहर सहित जिले के विभिन्न भागों से आये प्रबुद्ध लोगों ने अपने विचार को रखा. हालांकि इस दौरान कुछ पहलू ऐसे भी थे जिसके विरोध में भी लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी.
प्रो. रविंद्र कुमार. राज्य में विकास तो हो रहा है पर शिक्षा के क्षेत्र में बहुत कार्य करने की आवश्यकता है. सरकार के द्वारा घोषित योजनाओं में स्टुडेंट क्रेडिट कार्ड का लाभ छात्रों को नहीं मिल पा रहा है. इसमें बैंक कई अड़चने लगा रहा है इससे गरीब घर के मेधावी छात्रों की पढाई बाधित हो रहा है.
प्रो. इंद्र नारायण पोद्दार. एनडीए से अलग हाने के बाद नीतीश कुमार के अपने एजेंडे को उनके समर्थक दलों ने फलीभूत होने नहीं दिया. राज्य में अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई है पर विकास के नए आयाम में स्थापित हो रहे हैं. लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम जैसे कुछ कार्य राज्य में हुए है उससे बदलते बिहार की परिदृश्य साफ झलक रही है.नवीन कुमार जायसवाल . चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष नवीन कुमार जायसवाल ने कहा है कि बिहार तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है.
पर इसमें केंद्र सरकार को भी पहल करनी चाहिए. बिहार और यूपी के विकास के बिना देश का विकास संभव ही नहीं है. बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और उसके अनुरूप पैकेज देना समय की मांग है. केंद्र सरकार को यह पहल करनी चाहिए. सड़क, स्वास्थ्य, बिजली के क्षेत्र में बीते दस साल और आज के परिदृष्य में बदलाव साफ तौर पर देखा जा सकता है.
प्रो. इंद्र मोहन वर्मा. राज्य के विकास में नीतीश सरकार में व्यापक तौर पर सुधार हुआ है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में 15 साल पहले की स्थिति और वर्तमान की स्थिति है, उसमें काफी अंतर आया है. प र अभी भी इनमें सुधार की गुंजाइस है. अस्पतालों में दवा का अभाव रहता है, चिकित्सकों की कमी रहती है. मरीजों को सही जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती है, इसलिए इन चीजों में सुधार होना जरूरी है.
डा. राम नरेश पासवान. एनडीए सरकार के दौरान जब नीतीश कुमार की सरकार थी उस समय राज्य में क्राइम में बहुत सुधार हुआ था. पर गठबंधन की जबसे सरकार बनी है आपराधिक घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है. अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम का गलत इस्तेमाल हो रहा है. पुलिस के आचरण में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है. भ्रष्टाचार का बोलबाला पूर्व की तरह ही है साथ ही आपराधिक प्रवृति के लोगों का मनोबल भी बढा है. कुल मिलाकर बदलते बिहार के परिदृश्य में पुलिस की छवि में सुधार करना होगा.
अमरनाथ झा (अधिवक्ता). सैद्धांतिक रूप से नीतीश कुमार एक सबल व स्वच्छ छवि के राजनेता है. उनके राज्य में गुड गर्वनेंस की बात होती है पर धरातल पर उनके द्वारा घोषित कार्यों को उतारा नहीं जा रहा है. उन्होंने कहा कि बिजली विभाग द्वारा विद्युत की आपूर्ति में अभूतपूर्ण सुधार हुआ है. पर जिनको गरीबी उसकी जरूरत है उन्हें विद्युत कनेक्शन लेने में पांव घिस जाता है बिजली नहीं लग पाता है. बिजली विभाग में ठेकेदारी प्रथा समाप्त होनी चाहिए. प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार का बोलबाला है इस पर अंकुश लगना चाहिए.
डाॅ प्रसन्न कुमार मिश्र ने कहा कि बिहार बदल रहा है, तेजी से विकास भी हो रहा है. पर इसमें अब कुछ कमी आ गयी है. खासकर राजद से गठबंधन कर नीतीश कुमार का विकास का रथ धीमा पड़ गया है. राज्य में पुन: अपराध का ग्राफ तेजी से बढा है. उन्होंने कहा है कि हालांकि सड़क, स्वास्थ्य एवं अन्य क्षेत्रों में काफी विकास हुआ है. पर अभी भी इसमें सुधार की गुंजाइश है.
प्रो. शुभकला देवी ने कहा कि बदलते बिहार के परिदृश्य में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काफी कार्य हुआ है. महिला को शक्ति संपन्न बनाने के लिए कई अधिकार दिए गए है. पर शिक्षा के क्षेत्र में कई सुधार होना बांकी हैं. वित्त रहित शिक्षकों को वाजिब हक अब तक नहीं मिला है. हजारों परिवार वित्त रहित शिक्षा से जुड़े हैं.
कैलाश प्रसाद साहु. राज्य में चारों ओर विकास के नए माप दंड खड़े किये जा रहे हैं. पर आधार भूत संरचना ही इतना कमजोड़ था कि उसे बनाने में समय तो लगेगा ही. नीतीश सरकार द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, सुरक्षा के लिए कई कार्यक्रम बनाए जा रहे हैं ऐसे में बिहार का परिदृश्य बदल रहा है.
डॉ मीना कुमारी. बदलते बिहार में शराब बंदी एक सराहनीय कदम है. इसकी जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है. इससे समाज को होने वाली क्षति से लाभ हुआ है. पर शराबबंदी का अधिक प्रभाव गरीब तबके पर हुआ है. जो धनी व्यक्त है एवं जिनके पास पैसा है उन्हें अभी भी शराब उपलब्ध हो जाता है. इसके माने हैं कि चोरी छिपे शराब बिक रहा है इस पर रोक लगनी चाहिए.
प्रो. शारदानंद ठाकुर. बिहार बदल रहा है यहां चारों ओर खुशहाली है. खासकर सड़क, परिवहन एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य हो रहा है. शिक्षा क्षेत्र में सुधार की गुंजाईश है. प्रो. दिग्विजय झा बदलते बिहार के परिदृष्य में कृषि के क्षेत्र में भी अच्छा कार्य हो रहा है. किसानों को कई सुविधाएं एवं अनुदान दिए जा रहे हैं पर सिंचाई की समुचित व्यवस्था विगत 10 वर्षों में नहीं हो पाया है. सिंचाई के लिए अभी भी राज्य के किसान बारिश के पानी पर ही निर्भर है.
मो. हिदायतुल्लाह. ने कहा कि बदलते बिहार में चारों तरफ अमन व चैन है. हर समुदाय के लोग सुरक्षित महसूस करते हैं. राज्य में कहीं भी हिंसा का माहौल नहीं है. गंदी बस्ती में भी अब पक्की सड़कें बन गई है. शराब बंदी से बिहार के नौजवान जो नशे के शिकार हो रहे थे वे बच गए हैं. महिलाएं खुशहाल है.
