बांस-बल्ले के सहारे बिजली की आपूर्ति

खतरा. शहर व गांव के बीच फंसा पोल का मामला मधुबनी : बिजली विभाग आपूर्ति को लेकर भले ही लाखों खर्च करे, पुराने तार , पोल को बदलने के दावे भी करे, पर अभी भी हालत बतदर ही है. ग्रामीण क्षेत्रों की बात तो दूर शहर मुख्यालय से सटे इलाकों में भी आज भी बांस […]

खतरा. शहर व गांव के बीच फंसा पोल का मामला

मधुबनी : बिजली विभाग आपूर्ति को लेकर भले ही लाखों खर्च करे, पुराने तार , पोल को बदलने के दावे भी करे, पर अभी भी हालत बतदर ही है. ग्रामीण क्षेत्रों की बात तो दूर शहर मुख्यालय से सटे इलाकों में भी आज भी बांस पर ही तार से बिजली आपूर्ति की जा रही है.
मुख्यालय से सटे रांटी में लगभग 20 घरों में आज भी बांस बल्ला पर बिजली आपूर्ति होती है. इसी प्रकार नंद नगर में भी पूरे मुहल्ले में बांस के सहारे ही बिजली के तार झूल रहे हैं. वहीं जलधारी चौक के समीप 11 हजार वोल्ट का तार नीचे होने के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है. यहां पर गांव एवं वार्ड के बीच मामला उलझता जा रहा है. कुछ भाग वार्ड में तो कुछ भाग ग्रामीण क्षेत्र में पड़ जाने के कारण लोगों को समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है. जलधारी चौक के समीप का कुछ भाग वार्ड 21 में आ जाता है, तो कुछ भाग रहिका प्रखंड की पंचायत में.
कई माह से हो रहा तार व पोल बदलने का काम
बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोजेक्ट के माध्यम से पोल तार बदलने का काम किया जा रहा है. पर अब तक इसे पूरा नहीं किया जा सका है. बिजली विभाग के प्रोजेक्ट के कार्यपालक अभियंता सुभाष कुमार प्रसाद ने बताया कि तार पोल बदली को लेकर पूरे जिला में सर्वे किया जा रहा है. इधर रांटी गांव निवासी पवन झा ने बताया कि ग्रामिणों द्वारा पोल तार बदलने को लेकर कई बार आवेदन दिया जा चुका है. लेकिन विभाग कोई
ठोस कदम नहीं उठा रही है.
रांटी व जलधारी चौक के पास हादसे की आशंका
पिछले माह हो चुकी हैं कई घटनाएं
क्षतिग्रस्त तार से कई हादसे हो चुके हैं. इसके बाद भी विभाग इस दिशा में सार्थक पहल नहीं कर रही है. आलम यह है कि आये दिन कहीं ना कहीं जर्जर तार के कारण जान माल की क्षति हो रही है. जनवरी माह से लेकर अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, तो कई मवेशी भी नीचे झूल रहे तार के संपर्क में आ चुके हैं. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले माह बिजली के करेंट लगने से जयनगर बाजार में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी. वैसे ही नीचे तार रहने के कारण चकदह में एक मजदूर की पत्नी की मौत हो गयी थी. जबकि बासोपट्टी में एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत 11 हजार के हाई वोल्टेज तार टूटने से हो गयी. बीते कुछ माह पहले चकदह के समीप एक तालाब में मछली मारने के दौरान मछुआरे की तार के संपर्क में आ जाने से मौत हो गयी थी. वहीं जलधारी चौक
के समीप भी तार नीचे झूल रहा है.
17 अप्रैल तक बदलेगा पोल-तार
वैसे तो विभाग द्वारा सर्वे का काम चल रहा है. फिर भी उपभोक्ता एक आवेदन देकर अपने यहां का पोल बदलवा सकता है. वैसे विभाग द्वारा अप्रैल 17 तक सभी जगह पर पोल तार बदल दिया जायेगा.
सुभाष कुमार प्रसाद, जन प्रोजेक्ट के कार्यपालक अभियंता

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