बिजली नहीं होने से इलेक्ट्रिक पंप बेकार

खेतों तक बिजली नहीं पहुंचने से नहीं हो रही पंप से सिंचाई मधुबनी : एक तरफ बिहार सरकार व केंद्र सरकार कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए कई योजना संचालित कर रही है तो दूसरी ओर जो किसान इलेक्ट्रिक पंपिंग सेट का खरीद किया है वह अब तक उनके काम का नहीं हो सका […]

खेतों तक बिजली नहीं पहुंचने से नहीं हो रही पंप से सिंचाई

मधुबनी : एक तरफ बिहार सरकार व केंद्र सरकार कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए कई योजना संचालित कर रही है तो दूसरी ओर जो किसान इलेक्ट्रिक पंपिंग सेट का खरीद किया है वह अब तक उनके काम का नहीं हो सका है. इस पंप से वे अपने खेतों में लगे फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं. दरअसल अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की सही तरीके से आपूर्ति नहीं हो सकी है. जिस कारण किसानों के पंपिंग सेट तक ना तो बिजली पहुंच सकी है और ना ही इनका इलेक्ट्रिक पंपिंग सेट से पानी निकल सका है.
अनुदान पर मिला पंपिंग सेट . बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कृषि विभाग के द्वारा अनुदानित दर पर जिले के करीब 450 किसानों ने विभिन्न एचपी के इलेक्ट्रिक मोटर पंप खरीदा है. किसानों विभाग द्वारा इन यंत्रों की खरीद का अनुदान मिल गया . जब मशीन ले गये तो उत्साहित थे. पर बिजली विभाग की उदासीनता के कारण अब तक उनके मशीन का उपयोग नहीं हो सका है.
विभाग कह रहा खुद करें खर्च . बिजली विभाग के पास किसान द्वारा जब बिजली मुहैया कराये जाने की गुहार लगायी जाती है तो विभाग किसान से ही उनके खेतों तक बिजली मुहैया कराये जाने में होने वाले खर्च की कथित तौर पर मांग करता है. सतलखा निवासी शंकर कुमार झा बताते हैं कि साल वर्ष 2015 में खेत में बोरिंग कराया. इलेक्ट्रिक पंप खरीद किया. कनेक्सन को लेकर विभाग का दौर लगा रहा हैं. . लेकिन विभाग द्वारा बिजली कनेक्सन नहीं दिया गया. श्री झा ने बताया कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में बिजली विभाग द्वारा यह कह कर 2 लाख 50 हजार खर्च का पर्ची दिया गया कि यदि कनेक्शन चाहिए तो खुद बिजली के तार, पोल, ट्रांसफॉर्मर का खर्च जमा करें.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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