कार्रवाई. निगरानी टीम पहुंची तो दोनों अिधकारी थे अपने आवास पर मौजूद, 90 मिनट में हुई कार्रवाई
जयनगर : निगरानी की टीम जब एसडीओ गुलाम मुस्तफा व चंदन पुरी को पकड़ने के लिए पहुंची, तो एसडीओ अपने आवास पर चाय पी रहे थे, जबकि डीएसपी पत्नी कुंजना पुरी व बच्चों के साथ आवास के बाहर लॉन में बैठे थे. इसी दौरान दोनों अधिकारियों को ट्रांसपोर्टर की ओर से रिश्वत की रकम दी गयी, जिसके बाद दोनों अधिकारियों को निगरानी की टीम ने रंगहाथों पकड़ लिया.
एसडीओ गुलाम मुस्तफा हाल में सप्ताह भर की छुट्टी पर गये थे. उस समय उनका परिवार भी साथ था. तीन दिन पहले वह छुट्टी से लौटे थे, लेकिन उनके परिजन नहीं आये थे. आवास पर वह अकेले थे और काम करनेवाले लोग थे. वहीं, डीएसपी के बारे में बताया जाता है कि वह भी दो दिन
पहले छुट्टी से लौट थे. वह तीन दिन की छुट्टी पर थे.
पटना से आयी थी तीन गाड़ी
जयनगर स्टेशन पर सुबह पटना नंबर की तीन गाड़ियां पहुंची, तो स्थानीय लोगों को किसी बड़ी कार्रवाई की आशंका थी. जिन लोगों ने गाड़ियों को देखा. उन्हें लगा कि उत्पाद विभाग की टीम छापेमारी करने पहुंची होगी, लेकिन इन गाड़ियों के देखे जाने के कुछ ही देर बाद लगातार अधिकारियों की गिरफ्तारी की खबरें आने लगीं. बताते हैं कि सबसे पहले एसडीओ को पकड़ा गया और उन्हें गाड़ी में बैठा कर शहर से बाहर ले जाया गया. इसके बाद डीएसपी चंदन पुरी को पकड़ा गया,
उन्हें भी शहर से बाहर ले जाया गया. बताते हैं कि अंत में चेंबर के सचिव पवन यादव को गिरफ्तार किया गया और उन्हें भी गाड़ी में बैठा कर शहर से बाहर ले जाया गया. पवन के बारे में शहर के लोगों में जो चर्चा थी. उसके मुताबिक उन्होंने ही अधिकारियों व ट्रांसफोर्टर के बीच बिचौलिये का काम किया था. इन्हींके जरिये दो लाख रुपये की डील हुई थी.
बताते हैं कि गुरुवार की सुबह जब एक अधिकारी को रिश्वत के रुपये मिले, तो उसने फोन पवन को फोन किया और कहा कि रुपये आ गये हैं. इन्हें मेरे आवास से आकर ले जाओ. इसी के बाद पवन रुपये लेने के लिए उक्त अधिकारी के आवास पर जा रहा था, तभी निगरानी की टीम ने उसे दबोच लिया.
दो दिन पहले छुट्टी से लौटे थे डीएसपी
चेंबर ने पवन को बताया निर्दोष
