31 तक सीएमआर दें
मधुबनी : पैक्सों में खरीदे गये धान के बराबर सीएमआर एसएफसी को उपलब्ध नहीं कराये जाने की स्थिति में हो रहे परेशानी को लेकर जिला सहकारिता पदाधिकारी अजय कुमार भारती ने प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों के साथ सहकारिता कार्यालय में मंगलवार को बैठक किया. खरीफ विपरण 2015-16 में किसानों से खरीदे गए 40.837 क्वींटल धान की जानकारी विभाग एवं सरकार को दिया गया. इसके अनुपात में उसके बराबर सीएमआर की अनुपात काफी धीमी है.
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने कहा कि जिला के सभी 19 मिलर को कॉपरेटिव सोसाइटी की धारा 41 के तहत सभी मिलर व सोसाइटी को 21 दिन का समय दिया गया है. श्री भारती ने कहा कि निर्धारित तिथि 31 जुलाई तक अपने समिति के द्वारा खरीदे गए धान के समतुल्य शेष बचे धान का सीएमआर रिर्पोट नहीं दिया गया तो समिति के विरूद्ध सहकारी सोसाइटी अधिनियम की धारा 41 के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी.
बैठक में श्री भारती ने कहा कि अगर समय से सीएमआर नहीं दिया गया तो सूद सहित 18 फिसदी चक्रवृद्धि ब्याज की दर से वसूली की जायेगी. बैठक में खरीदे गये धान 40.837 क्वींटल के विरूद्ध समिति द्वारा अभी तक मात्र 38.430 क्वींटल धान का ही सीएमआर दिया गया है. शेष नये धान की अगर समय से सीमएआर की सूची नहीं मिलेगा तो संबंधित सोसाइटी एवं मिलर के उपर कार्रवाई की जायेगी. बैठक में प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, गौतम कुमार, सुजीत कुमार, सुशील कुमार सिंह, अरूण कुमार, अवधेश कुमार, धिरज कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे.
धान खरीद के लिए सीएमआर की निर्धारित तिथि 31 जुलाई से पहले अगर सोसाइटी एवं 19 मिलरों के द्वारा सीएमआर की सूची जिला सहकारिता पदाधिकारी को उपलब्ध नहीं कराया गया तो विभाग द्वारा सोसाइटी सहित मिलर के उपर प्राथमिकी दर्ज होगी. साथ ही समिति को 6 माह के लिए प्रबंध समिति से निलंबित कर सोसाइटी सहित मिलर को काली सूची में डाल दिया जायेगा.
