मीना व अनीता में नहीं बनी सहमति

मधुबनी : जिप अध्यक्ष चुनाव को लेकर एक खेमा पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत की पुत्रवधु मीना देवी के नाम को लेकर आगे बढ़ रहा था तो दूसरा खेमा कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अनीता देवी के साथ . हालांकि इससे पूर्व निवर्तमान जिप अध्यक्ष नसीमा खातुन ने भी अपनी दावेदारी दी थी. पर इन्हें तो एक […]

मधुबनी : जिप अध्यक्ष चुनाव को लेकर एक खेमा पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत की पुत्रवधु मीना देवी के नाम को लेकर आगे बढ़ रहा था तो दूसरा खेमा कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अनीता देवी के साथ . हालांकि इससे पूर्व निवर्तमान जिप अध्यक्ष नसीमा खातुन ने भी अपनी दावेदारी दी थी.

पर इन्हें तो एक खेमा मनाने में कामयाब रहा. पर अंत तक अनीता देवी को चुनाव में पीछे हटाने की मंशा या फिर मीना देवी को बैठाने की पहल नाकाम रही और दोनों ने नामांकन का परचा दाखिल किया. जिसका खामियाजा भुगतना पड़ा. हालांकि महागंठबंधन के दोनों प्रत्याशियों में से किसी को भी कम आंकने की बात ने महागंठबंधन को पीछे कर दिया.

महागंठबंधन के समर्थित प्रत्याशी पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत की पुत्रवधु मीना देवी व कांग्रेस जिला कमेटी समर्थित प्रत्याशी अनीता देवी दोनों को मिला कर 31 मत मिले. जो एनडीए गठबंधन के विजयी प्रत्याशी शीला मंडल के मत से 9 मत अधिक था. मतदान में शीला मंडल को 22 मत मिले थे

तो मीना देवी को 16 मत एवं अनीता यादव को 15 मत मिले थे. हालांकि अंदरूनी कलह एनडीए के प्रत्याशियों को लेकर भी हुई. पर मतदान से एक रात पूर्व ही नाराजगी को कम करते हुए एक प्रत्याशी पर सहमति बनी और शीला मंडल ने ही केवल अपना नामांकन का परचा दाखिल किया.

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