समस्याएं अब भी जस की तस चार साल में करीब दस करोड़ हुए खर्च

जल निकासी अतिक्रमण की समस्या को दूर करने की कोई ठोस योजना नहीं नप बोर्ड के गठन के चार साल पूरे चुनाव को लेकर फिर से होने लगे वायदे मधुबनी : नगर परिषद नये बोर्ड के गठन के चार साल पूरे हो चुके है. नौ जून 2012 को नये बोर्ड के सदस्यों ने शहर के […]

जल निकासी अतिक्रमण की समस्या को दूर करने की कोई ठोस योजना नहीं

नप बोर्ड के गठन के चार साल पूरे चुनाव को लेकर फिर से होने लगे वायदे
मधुबनी : नगर परिषद नये बोर्ड के गठन के चार साल पूरे हो चुके है. नौ जून 2012 को नये बोर्ड के सदस्यों ने शहर के विकास की शपथ ली थी. इन चार सालों में जनता के कुछ वादों को पूरा किया गया तो कुछ पर काम चल रहा है. पर कुछ समस्याएं ऐसी है जिनका समाधान इन चार सालों में नहीं किया जा सका.
जनता की परेशानी जस की तस बनी हुई है. शहर के सड़कों में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था में कई सुधार हुआ है. पर जनता की कई समस्याएं बरकरार रह गयी है. जिसे दूर करने की पहल नहीं की गयी है. चार साल में नप प्रशासन व जनप्रतिनिधि द्वारा किये गये कार्य व लंबित कार्य का आकलन इस प्रकार है. हालांकि इन चार सालों में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं.
ये काम बाकी
नाला निर्माण, पेयजल की समस्या गंभीर, जल निकासी, शहर के हर मुहल्ले में रौशनी, कई मुहल्ले में सड़क निर्माण कैनाल की उड़ाही, अतिक्रमण को दूर करना, पाइप लाइन
शिवरेज सिस्टम.
यह काम पूरे
शहर के विभिन्न वार्डो मेंं, करीब 100 पीसीसी सड़क एवं कल्वर्टर का निर्माण, सफाई मद में डिफ्यूज कंपैक्टर की खरीद, दो पिकअप वैन की खरीदारी, 240 चापाकल.
इस काम में हुआ खर्च
विगत चार साल में विभिन्न मद में करीब दस करोड़ खर्च हुए हैं. मदवार खर्च का ब्योरा इस प्रकार है
4 करोड़ : साफ सफाई मद
5 करोड़ : सड़क एवं पुलिया निर्माण
1 करोड़ : अन्य
राशि के मुताबिक हुआ काम
इस बाबत मुख्य पार्षद खालिद अनवर ने बताया है कि जितनी राशि उपलब्ध हुई उस अनुसार काम किया गया. पर काम से वे खुद संतुष्ट नहीं है. कहा कि उन्होंने जो वायदे किये थे उसे सौ फीसदी पूरा नहीं कर सके हैं.

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