युवक की हुई थी हत्या, लाखों का सामान ले गये थे डकैत
मधुबनी : खजौली थाना क्षेत्र में हुए डाकाकांड का एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर है. ना तो अपराधी का कोई सुराग हाथ लगा सका और ना ही लूट गये सामान ही बरामद हो सका है. खजौली में 2014 के दिसंबर से अब तक करीब चार घरों में भीषण डकैती हो चुकी है. जिसमें लाखों के लूट के साथ साथ एक व्यक्ति की अपराधियों ने हत्या भी कर दी. पर इसके बाद से अब तक पुलिस अंधेरे में हाथ पैर मार रही है. नतीजा शून्य ही है.
जनवरी में भी डाका
नये साल की शुरुआत में ही डकैतों ने दतुआर गांव में एक बार फिर डाका डाला. इस बार घर था सेवानिवृत एलआईसी अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद सिंह का घर. अपराधियों ने 10 जनवरी की रात इस घर में धावा बोल दिया और लूट के साथ साथ गृह स्वामी व उनके पूरे परिवार को पीटा, सर पर हथियार से वार किया, बम फोड़े. पर पुलिस कुछ भी नहीं कर सकी. यहां भी अपराधी के नेपाल के होने की बात बतायी गयी.
1 मई को फिर दिया घटना को अंजाम
अपराधियों ने मानो खजौली को सेफ जोन मान लिया है. एक घटना के घटे महज कुछ माह होता है कि दूसरा घटना सामने आ जाता है. 1 मई को अपराधियों ने बेहटा गांव के सेवानिवृत सैनिक विदेश्वर साह के घर में डाका डाला. लाखों की लूट हुई. पर इसमे भी अब तक अपराधी का कुछ भी पता नहीं चल सका है.
छानबीन में जुटी है पुलिस
थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया है कि पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है. अपराधी नेपाल चले जाते हैं. जिस कारण परेशानी होती है.
लूट के साथ हुई थी हत्या
खजौली थाना से सटे दतुआर गांव में दरबार से विख्यात विनय कुमार सिंह के घर में हथियारों से लैस अपराधियों ने 25 दिसंबर 2014 को हमला बोल दिया. इसमें अपराधियों ने लाखों की लूट के साथ साथ गृहस्वामी विनय कुमार सिंह की हत्या भी कर दी थी. पुलिस ने यह बता कर मामले में कुछ भी विशेष नहीं कर सकी कि अपराधी नेपाल के हैं.
