10 हजार लाइसेंस व 12 हजार आरसी निबंधन के स्मार्ट कार्ड पेंडिंग
आवेदकों को हो रही परेशानी
मधुबनी : परिवहन कार्यालय में बनने वाले लाइसेंस व गाड़ियों के निबंधन का स्मार्ट कार्ड का नहीं बनने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसा नहीं है कि लाइसेंस व निबंधन का कार्य ही नहीं हो रहा है. सारे कार्य हो रहे है पर उपभोक्ताओं को स्मार्ट कार्ड निर्गत नहीं किया जा रहा है. पेपर मोड में गाड़ियों के कागजात एवं लाइसेंस आवेदकों को दी जा रही है.
परिवहन कार्यालय में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कार्यालय में स्मार्ट कार्ड तो है पर रिबन नहीं रहने के कारण स्मार्ट कार्ड पर छपाई नहीं हो पा रही है.
वर्ष 2015 मार्च माह से स्मार्ट कार्ड व रिबन का सप्लाई परिवहन विभाग पटना द्वारा नहीं किये जाने के कारण लगभग एक वर्ष तक स्मार्ट कार्ड का बनना बंद हो गया था. फरवरी 2016 में विभाग द्वारा रिबन व कार्ड का सप्लाई होने के बाद जिला में 48,200 ड्राइविंग लाइसेंस व 8000 आरसी स्मार्ट कार्ड बैकलाग वाला बना पर अप्रैल माह में रिबन के समाप्त हो जाने पर स्मार्ट कार्ड से लाइसेंस व आरसी बनना बंद हो गया.
लोगों को होती है परेशानी: विभाग द्वारा स्मार्ट कार्ड निर्गत नहीं करने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है. विभाग पेपर मोड में लाइसेंस व आरसी निर्गत करता है. जिसकी वैधता छह माह ही होता है.
छह माह गुजरने के बाद लोगों को बार बार परिवहन कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं. लोगों को परेशानी से निजात दिलाने के लिए नए परिवहन पदाधिकारी सुजीत कुमार ने एक नई पहल की है. पेपर मोड पर एक मुहर लगा दी जाती है. जिस पर यह अंकित है कि पेपर मोड की मान्यता स्मार्ट कार्ड निर्गत होने तक वैध मानी जायेगी.
22 हजार कार्ड है लंबित: जिला परिवहन कार्यालय में 22 हजार स्मार्ट कार्ड लंबित है. इनमें 12 हजार आरसी निबंधन का एवं 10 हजार ड्राईविंग लाइसेंस का है. इसमें प्रतिमाह लगभग 1600 स्मार्ट कार्ड के नये आवेदन आने से बैकलाग की समस्या प्रतिमाह बढ़ रही है.
क्या कहते हैं अधिकारी: जिला परिवहन पदाधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि राज्य परिवहन कार्यालय में रिबन की आपूर्ति बेलट्रान निजी कंपनी द्वारा की जाती है. वहीं से जिला कार्यालयों को रिबन की आपूर्ति होती है.
पर विभाग द्वारा रिबन की आपूर्ति नहीं होने से यह परेशानी उत्पन्न हुई है. विभाग रिबन की सप्लाई कर देगा तो सारे पेंडिंग स्मार्ट कार्ड बन जायेंगे.
