मधुबनी : निकाय क्षेत्र के 70 फीसदी वार्ड पार्षद सरकार द्वार दिये गये टैबलेट का उपयोग नहीं करते हैं. इससे अधिकांश वार्ड पार्षदों को सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी के लिये आज भी नप कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है. निकाय क्षेत्रों में विकास कार्यों में पारदर्शिता व क्रियान्वयन के लिए सरकार ने पार्षदों को टैबलेट उपलब्ध कराया था.
70 फीसदी वार्ड पार्षद नहीं करते टैबलेट का उपयोग वार्ड पार्षदों को नहीं मिल पा रही योजनाओं की जानकारी
मधुबनी : निकाय क्षेत्र के 70 फीसदी वार्ड पार्षद सरकार द्वार दिये गये टैबलेट का उपयोग नहीं करते हैं. इससे अधिकांश वार्ड पार्षदों को सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी के लिये आज भी नप कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है. निकाय क्षेत्रों में विकास कार्यों में पारदर्शिता व क्रियान्वयन के लिए […]

वित्तीय वर्ष 2015-16 के मई माह में नप पार्षदों को टैबलेट दी गयी थी. बताया जा रहा है कि नगर पारिषद के 30 वार्डों पार्षदों में से करीब 8 से 9 पार्षद ही इसका उपयोग कर रहे है. नगर विकास विभाग द्वारा शहरी विकास के लिए बनायी गयी योजनाओं की जानकारी आज भी पार्षदों के पास नहीं रहती है. अभी भी योजनाओं की जानकारी नगर परिषद कार्यालय से ही ले पा रहे है. या फिर योजनाओं में गड़बड़ी या क्रियान्वयन की भी जानकारी ठीक ढ़ंग से नहीं दे पा रहे हैं. इनके टैबलेट का उपयोग नहीं करना इंटरनेट कनेक्शन ना मिलना है.
नहीं मिल रही जानकारी
पार्षदों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए टैबलेट उपलब्ध कराया था. पर सर्वेक्षण के मुताबिक शहर के 70 प्रतिशत पार्षद इसका उपयोग भी शुरू नहीं किया है. सिर्फ 30 प्रतिशत पार्षद ही इसका उपयोग कर रहे है. इससे ना योजनाओं की जानकारी मिल पा रही है. और ना ही किये गये कार्यों के क्रियान्वयन की ही जानाकरी कार्यालय को उपलब्ध करायी जा रही है.
महंगा है इंटरनेट
पार्षदों को टैबलेट मिलने तथा इसका उपयोग ना करने के पीछे सबसे कारण इंटरनेट के लिए कोई अलग भत्ता ना दिया जाना बताया जा रहा है. कई पार्षदों ने बताया कि सरकार की ओर से टैबलेट तो मिला पर इंटरनेट कनेक्शन महंगा होने के कारण उपयोग नहीं कर रहे है. सरकार को चाहिए की
सभी पार्षदों को इंटरनेट कनेक्शन मुफ्त दिया जाये.
वाईफाई की सुविधा नहीं
नगर परिषद के वार्ड पार्षदों को एक साल पहले टैबलेट दिया गया था. उन्हें आश्वासन मिला था कि नगर परिषद कार्यालय को वाई-फाई युक्त किया जायेगा. पर एक साल बीत जाने के बाद भी कार्यालय को वाई फाई युक्त नहीं किया गया है.