मधुबनीः राज्य खाद्य निगम ने धान अधिप्राप्ति के बाद चावल मुहैया नहीं कराने वाले राइस मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. पंडौल औद्योगिक क्षेत्र स्थित दुर्गा राइस मिल व धकजरी स्थित मॉडर्न ममता राइस मिल के संचालक रमण कुमार झा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी में 4.70 करोड़ के चावल के गबन व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है. प्राथमिकी में राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक ने कहा है कि पंडौल स्थित मां दुर्गा राइस मिल ने 30 दिसंबर 2011 को राज्य खाद्य निगम मधुबनी के साथ धान अधिप्राप्ति के एवज में चावल देने का एकरारनामा किया था.
इकरारनामा के शर्तो के अनुरूप प्राप्त धान के विरुद्ध कुटाई कर 67 फीसदी की दर से सीएमआर चावल निर्धारित के अवधि के अंदर देना था. मिल को निगम से एक लाख 13 हजार 735.21 क्विंटल धान दिया गया. इसके विरुद्ध 76 हजार 204.49 क्विंटल चावल राज्य खाद्य निगम को देना था पर इन्होंने अब तक मात्र 52 हजार 822.49 क्विंटल चावल ही दिया. ऐसे में शेष चावल जिसका मूल्य चार करोड़ 14 लाख 95 हजार 940 रुपया होता है अवशेष है. वहीं ममता मॉडर्न राइस मील पर भी 55 लाख 48 हजार 927 रुपये मूल्य का चावल बचा है.
विभाग ने कई बार उक्त रकम जमा करने के लिए कई बार कहा, लेकिन मिल मालिक ने चावल नहीं जमा किया. इसी वजह से मिल मालिक पर धोखाधड़ी व गबन की प्राथमिकी दर्ज करायी जा रही है.
