बीएसआरटीसी के प्रबंधक ने नये रूट पर बस चलाने का सरकार को भेजा प्रस्ताव
अन्य निजी बसों की अपेक्षा 15 फीसदी कम है किराया
24 फरवरी से 30 अप्रैल तक बस चलाने से 44.51 हजार की कमाई, 37.20 लाख वेतन मद आदि में खर्च
मधुबनी : कभी घाटे में चलने वाला बिहार राज्य पथ परिवहन की निगम ने साल 2016 के पहले 66 दिनो में 7 लाख 70 हजार 551 रुपये का मुनाफा किया है. यह मुनाफा दरभंगा प्रमंडल में निगम द्वारा चलाये जा रहे 26 बसों के परिचालन से हुई है. मालूम हो कि अन्य बसों के किराया से बीएसआरटीसी द्वारा चलाये जा रहे बस से 15 फीसदी कम किराया लिया जा रहा है. दरभंगा प्रमंडल के डिविजनल प्रबंधक एस एन झा ने बताया है कि निगम इस कमाई से उत्साहित है. इसको लेकर अन्य कई रूटों पर भी नयी बस के परिचालन शुरू करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है.
नो प्रोफिट, नो लॉस पर हुआ मुनाफा निगम में लगातार हो रहे घाटा के कारण पिछले कुछ सालों में निगम के बसों के परिचालन पर रोक लगा दी गयी थी. पर 24 फरवरी से नो प्रोफिट नो लॉस सिद्धांत के तहत दरभंगा प्रमंडल को सरकार ने 26 बसें दी. बेहतर सुविधा का परिणाम है कि 24 फरवरी से 30 अप्रैल तक निगम ने 44 लाख 51 हजार 20 रुपये कमाई हुई. इसमें डीजल, मोबिल वेतन मद में 37 लाख 20 हजार 469 रुपये खर्च किये गये हैं. जबकि 7 लाख 70 हजार 551 रुपये का मुनाफा हुआ है.
नये रूट पर बस परिचालन की अनुशंसा कई नये रूट पर बस परिचालन किये जाने की अनुशंसा की गयी है. इसमें जयनगर से रांची, मधुबनी से टाटा, मधुबनी से पटना, दरभंगा -भदोही, दरभंगा- सिलीगुड़ी , मधेपुर – पटना, लौकहा – पटना रूट शामिल है.
इसमें कई बस पूर्ण एसी सुविधा युक्त रहेगा.
