शुरू हुई कैनाल की सफाई

नप की कवायद . जलजमाव वाले इलाके िकये गये िचह्नित 10600 फीट लंबे वाटसन कैनाल की सफाई में लगाये गये 50 मजदूर मधुबनी : शहर वासियों के लिए खुशखबरी. इस बरसात में शहर को डूबने नहीं दी जाएगी. नगर परिषद ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है. जलजमाव वाले इलाके तथा जहां पानी अवरूद्ध […]

नप की कवायद . जलजमाव वाले इलाके िकये गये िचह्नित

10600 फीट लंबे वाटसन कैनाल की सफाई में लगाये गये 50 मजदूर
मधुबनी : शहर वासियों के लिए खुशखबरी. इस बरसात में शहर को डूबने नहीं दी जाएगी. नगर परिषद ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है. जलजमाव वाले इलाके तथा जहां पानी अवरूद्ध होता है. उसे चिह्नित कर सफाई कार्य शुरू कर दिया गया है. दरअसल, प्रभात खबर ने 16 मई के अंक में ”बरसात में डूबेगा शहर” शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर छापी थी. इस पर नगर परिषद प्रशासन ने पहल करते हुए कैनाल व नालों की सफाई शुरू कर दी है.
गौरतलब हो कि शहर में जलनिकासी के लिए मुख्य रूप से तीन कैनाल वाटसन, किंस व राज कैनाल गुजरते है. जिससे पानी का बहाव होता है. इन कैनालों के गाद भर जाने से जल निकासी रूक जाती है. वहीं नालों के जाम हो जाने से भी जलनिकासी नहीं हो पाती है. इसके सफाई के लिए नगर परिषद प्रशासन ने करीब 50 मजदूर लगा कर प्राथमिकता के तौर पर वाटसन कैनाल की सफाई शुरू कर दी है. शहर के गुमटी न. 12, थाना मोड़ तथा स्टेडियम रोड में वाटसन कैनाल की सफाई शुरू कर दी गयी है.
सफाई में लगाये गये 50 मजदूर
शहर में जलनिकासी की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए नप द्वारा 50 मजदूर काम पर लगाये गये हैं. ये मजदूर वाटसन कैनाल की सफाई कर रहे है. इसके लिए कार्यपालक पदाधिकारी के निर्देश पर स्वच्छता निरीक्षक अनिल झा व अहमद अंसारी की देख रेख में मजदूर साफ-सफाई का काम कर रहे है.
हो रही नाला की सफाई
कैनाल के सफाई के साथ-साथ नाला की सफाई भी शुरू कर दी गयी है. शहर में स्टेशन चौक, महराज गंज, सुभाष चौक, लोहा पट्टी आदि इलाके में नाला की सफाई की जा रही है. इस इलाके में नाला जाम रहने से जलजमाव हो जाता है. इसके सफाई हो जाने से शहर के मुख्य बाजारों में लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही थी.
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा ने बताया कि शहर में जल जमाव गंभीर समस्या रही है. नगर विकास एवं आवास विभाग से मिले निर्देश पर कैनालों व नालों की सफाई शुरू कर दी गयी है. स्थानीय विधायक समीर कुमार महासेठ ने भी जलजमाव को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी. हमारा प्रयास रहेगा की शहर के लोगों को जलजमाव से जूझना नहीं पड‍़े.10 हजार फीट में फैला कैनाल
शहर से गुजरने वाली तीनों कैनालों में वाटसन कैनाल सबसे लंबी व चौड़ी है. इसकी लंबाई जहां 10 हजार छह सौ फीट है. वहीं इसकी चौड़ाई 22 से 30 फीट है. यह शहर में बारह न. गुमटी से होते हुए थाना चौक, विद्यापति पार्क, नीलम चौक से स्टेडियम चौक से आगे भच्छी गांव में पुल पार करते हुए जीवछ नदी में मिलती है. इसकी सफाई कराना नगर परिषद को चुनौती रही है.
35 प्रतिशत आबादी को राहत
शहर में जलनिकासी के लिए तीन कैनाल गुजरते है. शहर में जलजमाव इसलिए क्योंकि इन कैनालों में गाद जमा हो जाती है. शहर में करीब एक लाख की आबादी है. जिसमें से वाटसन कैनाल से 35 प्रतिशत आबादी को लाभ मिलता है. इस कैनालों से स्टेशन मुहल्ला, थाना चौक, स्टेडियम रोड स्थित मुहल्ला, नीलम चौक मुहल्ला के करीब 35 प्रतिशत लोगों को लाभ मिलता है.

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