वसूल किये जायेंगे 11 लाख रुपये
वेतन मद से होगी कटौती,समय से राशि कटौती नहीं होने पर होगी कार्रवाई
सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत समय से सूचना नहीं दने का मामला हुई कार्रवाई
मधुबनी : लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम में जिला स्तरीय कर्मचारी व पदाधिकारी द्वारा लापरवाही बरती जा रही है. ससमय समय उपलब्ध नहीं करायी जा रही है. इस लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है. जिले के दर्जनों कर्मचारी व अधिकारी पर आर्थिक दंड लगाया गया है. जिसे वसूलने की प्रक्रिया में भी शिथिलता बरती जा रही है. यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी का स्थानांतरण अन्य जिले में हो गया है तो उस जिले के जिला पदाधिकारी से राशि वसूलने के लिये पहल की जायेगी.
पंचायत सचिव अिधक
लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम में समय से सूचना नहीं दिये जाने के मामले में जिले के 108 सरकारी विभाग के कर्मी व अधिकारी शामिल हैं. इन पर सरकार ने अर्थ दंड अधिरोपित किया है. इनसे आर्थिक राशि वसूल की जायेगी. इसमें सबसे अधिक मामला पंचायत सचिव व राजस्व कर्मचारी का है. हालांकि कई बीडीओ, बीइओ व सीओ भी इस दंड के घेरे में हैं. दोषी अिधकारी व कर्मचारी पर कार्रवाई होनी है.
एसडीओ को निर्देश
इस मामले में राशि जमा नहीं करने वाले कर्मी व अधिकारियो से राशि वसूल करने के लिये जिला पदाधिकारी ने सभी एसडीओ को निर्देश दिया है. यदि एसडीओ समय से इस मामले में पहल नहीं करते हैं तो उन पर भी कार्रवाई होगी.
अब तक 2.50 लाख की हुई वसूली
जिन 108 कर्मी व अधिकारी को लापरवाही के मामले में आर्थिक रूप से दंडित किया गया है, उनसे सरकार 11 लाख 25 हजार 535 रुपये वसूल करेगी. हालांकि इस दिशा में पहल शुरू भी कर दी गयी है. पर राशि वसूल करने के मामले में काफी लापरवाही बरती जा रही है. अब तक मात्र दो लाख 50 हजार 750 रुपये ही इन अधिकारियों व कर्मियों से वसूल किया जा सका है. बांकी बचे राशि के वसूली के लिये निर्देश दिया गया है.
लौकही सीओ पर सबसे अधिक जुर्माना
लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम में लापरवाही बरतने के मामले में जिन अधिकारियों पर अर्थ दंड लगा है. उसमें सबसे अधिक आर्थिक दंड लौकही सीओ पर लगा है. इन पर 2 लाख 35 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है. जबकि दूसरे नंबर पर सीओ हरलाखी हैं. इनसे 30 हजार रुपये वसूल होने हैं. वहीं सीओ झंझारपुर से 15 हजार, सीओ खुटौना से 20 हजार रुपये वसूल होने हैं. हालांकि अब तक इन अधिकारियों से एक रुपये भी राशि वसूल नहीं हो सकी है.
